साप्ताहिक समीक्षा-सोया
27-Dec-2025 07:31 PM
मिलर्स की अच्छी लिवाली से सोयाबीन का भाव तेज
नई दिल्ली। रुपया के अवमूल्यन से सोयाबीन तेल का आयात खर्च बढ़ने के कारण भारतीय रिफाइनर्स द्वारा अर्जेन्टीना एवं ब्राजील से कम मात्रा में क्रूड सोया तेल मंगाया जा रहा है और स्वदेशी क्रशिंग इकाइयों से इसकी खरीद में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई जा रही है। इससे क्रशिंग प्लांटों को कुछ ऊंचे दाम पर सोयाबीन खरीदने का प्रोत्साहन मिल रहा है। मध्य प्रदेश में सोयाबीन की खरीद के लिए भावान्तर भुगतान योजना लगू है जबकि महाराष्ट्र एवं राजस्थान जैसे राज्यों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर किसानों से उसकी सरकारी खरीद हो रही है।
प्लांट भाव
20-26 दिसम्बर वाले सप्ताह के दौरान सोयाबीन का प्लांट डिलीवरी मूल्य 100-200 रुपए की वृद्धि के साथ मध्य प्रदेश में ऊपर में 4800 रुपए प्रति क्विंटल, महाराष्ट्र में 5080 रुपए प्रति क्विंटल तथा राजस्थान में 515 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य इस बार 5328 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित हुआ है।
सोया तेल (रिफाइंड)
सोयाबीन की कीमतों में तेजी आने से सोया रिफाइंड तेल का दाम भी 15-20 रुपए प्रति 10 किलो तक बढ़ गया और मिलर्स को अच्छा कारोबार करने में सफलता मिली कोटा में यह 20 रुपए की वृद्धि के साथ 1290 रुपए प्रति 10 किलो पर पहुंचा। हल्दिया में भी दाम 5 रुपए सुधर गया लेकिन मुम्बई एवं कांडला में 1250 रुपए प्रति 10 किलो पर स्थिर रहा।
आवक
राष्ट्रीय स्तर पर थोक मंडियों में 20 दिसम्बर को भी 3.50 लाख बोरी सोयाबीन की आवक हुई। सोयाबीन की प्रत्येक बोरी 100 किलो या 1 क्विंटल की होती है।
सोया डीओसी
महाराष्ट्र में सोया डीओसी का भारी कारोबार हुआ जिससे इसके दाम में 1000-2000 रुपए प्रति टन तक की जोरदार बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। इसमें अच्छी औद्योगिक एवं निर्यात मांग होने से कीमतों को ऊपर उठने का आधार मिल गया।
आयात
सोया तेल का आयात जनवरी में भी कम होने की संभावना है जिससे सोयाबीन के घरेलू बाजार मूल्य में आगे तेजी-मजबूती का माहौल जारी रह सकता है। क्रशिंग-प्रोसेसिंग इकाइयां सोयाबीन की खरीद में अच्छी सक्रियता दिखा रही हैं।
