साप्ताहिक समीक्षा- सोयाबीन
17-May-2025 08:11 PM
प्लांटों की कमजोर मांग से सोयाबीन में 50-100 रुपए की गिरावट
नई दिल्ली। विदेशों से सस्ते सोयाबीन तेल का आयात जारी रहने तथा सोया तेल एवं सोयामील की घरेलू मांग कमजोर रहने से क्रशिंग- प्रोसेसिंग इकाइयां सोयाबीन की खरीद में कम दिलचस्पी दिखा रही हैं।
नैफेड के पास स्टॉक
नैफेड के पास सोयाबीन का विशाल स्टॉक मौजूद है इसलिए प्लांटों को आपूर्ति की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है और वो केवल तात्कालिक जरूरतों की पूर्ति के लिए सीमित मात्रा में इसकी खरीद कर रहे हैं। 10-16 मई वाले सप्ताह के दौरान सोयाबीन का प्लांट डिलीवरी भाव मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र में 50-100 रुपए प्रति क्विंटल तथा राजस्थान में 25 रुपए प्रति क्विंटल घट गया।
प्लांट भाव
सोया रिफाइंड तेल में भी मांग कमजोर रही जिससे मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र के अधिकांश प्लांटों डिलीवरी भाव मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र में 50-100 रुपए प्रति क्विंटल तथा राजस्थान में 25 रुपए प्रति क्विंटल घट गया।
सोया तेल (रिफाइंड)
सोया रिफाइंड तेल में भी मांग कमजोर रही जिससे मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र के अधिकांश प्लांटों में इसके दाम में 15 से 40 रुपए प्रति 10 किलो की गिरावट रही। मंदसौर की एक इकाई में यह 45 रुपए घटकर 1215 रुपए प्रति 10 किलो रह गया। महाराष्ट्र के धुलिया में भी एक प्लांट ने भाव 40 रुपए घटा दिए। कोटा में सोया रिफाइंड तेल का भाव 15 रुपए गिरकर 1270 रुपए प्रति 10 किलो तथा कांडला में 20 रुपए घटकर 1275 रुपए प्रति 10 किलो पर आ गया जबकि मुम्बई में 1250 रुपए तथा हल्दिया में 1240 रुपए के पुराने स्तर पर स्थिर रहा।
आवक
13 मई को घरेलू मंडियों में 2.50 लाख बोरी तथा 14 मई को 2.40 लाख बोरी सोयाबीन की आवक हुई जबकि प्रत्येक बोरी 100 किलो की होती है। दरअसल नैफेड अपने स्टॉक से घरेलू बाजार में सोयाबीन उतारने के लिए बेचैन है लेकिन उसे सरकारी मंजूरी नहीं मिल रही है।
बिजाई
अगले महीने से सोयाबीन की बिजाई आरंभ होने वाली है और कृषि मंत्रालय को आशंका है कि सरकारी स्टॉक उतरने पर कीमतों पर दबाव और बढ़ सकता है जबकि पहले से ही भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी नीचे चल रहा है। कीमतों में ज्यादा गिरावट आने पर सोयाबीन की खेती के प्रति किसानों का उत्साह एवं आकर्षण घट सकता है।
सोया डीओसी
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान सोया डीओसी की घरेलू एवं निर्यात मांग कमजोर रही जिससे इसके दाम में भारी गिरावट आ गई। सोया के आंकड़ों से पता चलता है की अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 के सात महीनों में पशु आहार निर्माण में सोयामील की खपत कम हुई और इसके निर्यात में भी कुछ गिरावट आ गई। सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य इस बार 4892 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया गया है जबकि अगले सीजन के लिए उसकी घोषणा होनी अभी बाकी है।
