साप्ताहिक समीक्षा- सोयाबीन

04-Jul-2026 07:44 PM

मांग कमजोर पड़ने से सोयाबीन के दाम में गिरावट

नई दिल्ली। क्रशिंग-प्रोसेसिंग इकाइयों की मांग कमजोर पड़ने तथा आपूर्ति की स्थिति सामान्य रहने से 27 जून-3 जुलाई वाले सप्ताह के दौरान तीनों शीर्ष उत्पादक राज्यों- मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं राजस्थान में सोयाबीन के प्लांट डिलीवरी मूल्य में 100 से 150 रुपए प्रति क्विंटल तक की गिरावट दर्ज की गई। इसका दाम घटाकर 7000 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास या उससे नीचे आ गया। 
सोया तेल (रिफाइंड) 
इसके फलस्वरूप सोया रिफाइंड तेल की कीमतों में भी प्रति 10 किलो पर 5 से 20 रुपए तक की नरमी देखी गई। ज्यादा गिरावट मध्य प्रदेश के मंदसौर की इकाइयों में आई जहां यह 20 रुपए गिरकर 1410/1420 रुपए प्रति 10 किलो पर आ गया। इसका भाव कोटा तथा हल्दिया में 15-15 रुपए तथा मुम्बई एवं कांडला में 10-10 रुपए कमजोर रहा। 
आवक 
प्रमुख उत्पादक राज्यों की थोक मंडियों में सोयाबीन की आवक सामान्य बनी हुई है। 30 जून को उसकी आपूर्ति 1.40 लाख बोरी (100 किलो की प्रत्यके बोरी) हुई थी जो 2 जुलाई को घटकर 1.15 लाख बोरी पर आने के बाद 3 जुलाई को पुनः सुधरकर 1.40 लाख बोरी पर पहुंच गई। 
बिजाई 
सोयाबीन की बिजाई की गति गत वर्ष से धीमी चल रही है लेकिन इंदौर की संस्था- सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) का कहना है कि आगामी दिनों में इसकी बिजाई की रफ्तार   तेज होगी और कुल मिलाकर इसका उत्पादन क्षेत्र पिछले साल से आगे निकल जाएगा। इससे कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। 
सोया खल (डीओसी) 
ऊंचे दाम पर मांग कमजोर पड़ने से सोया डीओसी की कीमतों में भी भारी गिरावट आ गई। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भारतीय सोयामील का भाव काफी हद तक गैर प्रतिस्पर्धी हो गया है जिससे इसकी निर्यात मांग कमजोर पड़ गई है। महाराष्ट्र में सोया डीओसी का भाव काफी नरम रहा।