साप्ताहिक समीक्षा-तुवर

18-Apr-2026 08:18 PM

तुवर बाजार में कमजोरी जारी, सुस्त मांग से कीमतों पर दबाव

मुम्बई। चालू सप्ताह के दौरान तुवर (अरहर) बाजार में लगातार कमजोरी का माहौल बना रहा। ग्राहकी का अभाव और मांग में सुस्ती के चलते कीमतों पर दबाव बना रहा, जिससे बाजार में गिरावट का रुख स्पष्ट रूप से देखने को मिला। व्यापारिक गतिविधियां सीमित रहीं और बाजार में उत्साह का अभाव नजर आया। सप्ताह की शुरुआत से ही तुवर दाल में अपेक्षित मांग नहीं निकल सकी। खुदरा और थोक स्तर पर कमजोर खपत के चलते दाल मिलर्स ने सतर्क रुख अपनाया और केवल जरूरत के अनुसार ही सीमित मात्रा में खरीदारी की। मिलर्स की धीमी लिवाली के कारण बाजार को कोई ठोस समर्थन नहीं मिल पाया, जिससे कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। मंडियों में तुवर की आवक सामान्य बनी रहने के बावजूद मांग का अभाव बना रहा। सप्लाई और डिमांड के बीच असंतुलन की स्थिति बनने से बाजार पर अतिरिक्त दबाव देखने को मिला। व्यापारियों और स्टॉकिस्टों ने भी बाजार की कमजोर धारणा को देखते हुए ऊंचे भाव पर खरीदारी से दूरी बनाए रखी, जिससे बाजार में बिकवाली का दबाव और बढ़ गया। व्यापारिक सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ समय से दालों की खपत में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं देखा गया है, जिसका सीधा असर तुवर बाजार पर पड़ रहा है। उपभोक्ता मांग में कमी और मिलर्स की सीमित खरीदारी के चलते बाजार में तेजी के संकेत फिलहाल कमजोर बने हुए हैं। आई ग्रेन इंडिया का मानना है कि जब तक तुवर दाल की मांग में सुधार नहीं होता, तब तक बाजार पर दबाव बना रह सकता है। यदि आने वाले समय में खपत बढ़ती है या मिलर्स की लिवाली में तेजी आती है, तो कीमतों को कुछ सहारा मिल सकता है। फिलहाल बाजार की दिशा पूरी तरह मांग और सप्लाई के संतुलन पर निर्भर करती नजर आ रही है। आयातकों की बिकवाली बढ़ने और मांग सुस्त बनी रहने से मुंबई अफ्रीकन तुवर की कीमतों में इस साप्ताह 150/200 रुपए प्रति क्विंटल का मंदा दर्ज किया गया और इस मंदे  के साथ सप्ताहांत में भाव मोज़ाम्बिक सफ़ेद 6350/6400 रुपए गजरी 6250 रुपए मटवारा 6200 रुपए मलावी 5850 रुपए व सूडान 7850/7900 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी। वहीं दूसरी ओर चेन्नई बाजार में तुवर लेमन की कीमतों में भी 100 रुपए प्रति क्विंटल की नरमी दर्ज की गयी और इस नरमी के साथ भाव सप्ताहांत में 7525 रुपए प्रति क्विंटल रह गए। 
आयातित     
निर्यात मांग कमजोर बनी रहने से बर्मा तुवर की कीमतों में इस साप्ताह 5 डॉलर प्रति टन की नरमी दर्ज की गयी और इस नरमी के साथ भाव सप्ताहांत में  845 डॉलर प्रति टन रह गयी।
दिल्ली 
पोर्ट की गिरावट के असर मांगसुस्त बनी रहने से चालू साप्ताह के दौरान दिल्ली तुवर लेमन में 100 रुपए व देसी तुवर में 100 भी रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गयी और इस गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत में लेमन 7700 रुपए व देसी 8000/8100 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।  
महाराष्ट्र 
दाल मिलर्स की मांग कमजोर बनी रहने से इस साप्ताह महाराष्ट्र तुवर की कीमतों में 100/200 रुपए प्रति क्विंटल की मंदी देखी गयी और इस मंदी  के साथ भाव  सप्ताहांत में  सोलापुर में 7400/7700 रुपये,अकोला 7750/7800 रुपए, लातूर में 7600/7620 रुपये, नागपुर 7750/7800 रुपये, बार्शी 6800/7600 रुपये हिंगणघाट 7000/8250 रुपए व उदगीर 7000/7500 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
कर्नाटक   
लिवाली कमजोर बनी रहने से चालू साप्ताह के दौरान कर्नाटक तुवर की कीमतों में 200/300 रुपए प्रति क्विंटल की मंदी दर्ज की गयी और इस मंदी के साथ भाव सप्ताहांत में गुलबर्गा 7000/7700 रुपए रायचूर 6847/7602 रुपए बीदर 7079/7962 रुपए व तालिकोट 6300/7369 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।    
मध्य प्रदेश
दाल मिलर्स की कमजोर मांग के चलते मध्य प्रदेश तुवर की कीमतों में इस साप्ताह 100/200 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट देखी गयी और इस गिरावट  के साथ भाव सप्ताहांत में कटनी 7750/7850 रुपए जबलपुर 5000/7400 रुपए पिपरिया 5500/7450 रुपए व करेली 6240/7540 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी। 
अन्य 
चौतरफा गिरावट के असर व ग्राहकी कमजोर बनी रहने से रायपुर तुवर की कीमतों में इस साप्ताह 100/150 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत  में 7750/8050 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी। इसी प्रकार कानपुर तुवर की कीमतों में भी इस साप्ताह 250 रुपए प्रति क्विंटल की मंदी देखी गयी और सप्तहांत में भाव 7250 रुपए प्रति क्विंटल रह  गयी।
तुवर दाल 
तुवर की गिरावट के असर व मांग में सुस्त बनी रहने चालू साप्ताह के दौरान तुवर दाल की कीमतों में 100/200 रुपए प्रति क्विंटल का मंदा दर्ज किया गया और इस मंदे के साथ भाव सप्ताहांत में दिल्ली फटका 10800/12400 रुपए, कटनी फटका 11000/11200 रुपए, अकोला 11300/12300 रुपए,लातूर फटका 11800/12000 रुपए, गुलबर्गा फटका 11000/12000 रुपए व कानपुर फटका 10900/11000 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।