साप्ताहिक समीक्षा-धान-चावल

16-Nov-2024 07:45 PM

सरकार की उदार निर्यात नीति से धान-चावल के दाम में मजबूती  

नई दिल्ली । केन्द्र सरकार की उदार निर्यात नीति के असर से घरेलू प्रभाग में धान-चावल का भाव 7-13 नवम्बर वाले सप्ताह में काफी हद तक मजबूत बना रहा। अधिकांश प्रमुख उत्पादक राज्यों में खरीफकालीन धान की नई फसल की कटाई-तैयारी एवं मंडियों में आवक शुरू हो चुकी है जबकि सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ व्यापारियों-निर्यातकों एवं राइस मिलर्स द्वारा भी इसकी खरीद में दिलचस्पी दिखाई जा रही है। 
निर्यात 
मालूम हो कि केन्द्र सरकार ने बासमती चावल के लिए चालू 950 डॉलर प्रति टन के न्यूनतम निर्यात मूल्य (मेप) को वापस ले लिया है, गैर बासमती सेला चावल के निर्यात को पूरी तरह शुल्क मुक्त कर दिया है और सफेद चावल के निर्यात को नियंत्रण मुक्त कर दिया है। इससे चावल के निर्यात में भारी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है। इसे देखते हुए राइस मिलर्स तथा निर्यातक अच्छी मात्रा में धान-चावल की खरीद कर रहे हैं। पंजाब, हरियाणा एवं यूपी में धान की सरकारी खरीद जोर शोर से जारी है। 
दिल्ली 
उल्लेखनीय है कि बासमती धान के लिए न तो न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित होता है और न ही सरकारी एजेंसियां इसकी खरीद करती हैं इसलिए इसका कारोबार तथा भाव पूरी तरह खुले बाजार के रुख पर निर्भर रहता है। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान दिल्ली की नरेला मंडी में 1121 धान का भाव 100 रुपए तेज मगर 1509 कम्बाइन का दाम 100 रुपए नरम रहा। नजफगढ़ मंडी में 50-60 रुपए का उतार-चढ़ाव रहा। लेकिन छत्तीसगढ़ के भाटपाड़ा में विष्णुभोग धान का भाव 300 रुपए तथा राजिम में महामाया धान का भाव 450 रुपए प्रति क्विंटल तेज हो गया। पंजाब के अमृतसर में 1718 धान का दाम 350 रुपए उछलकर  3500/3700 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। 
चावल 
जहां तक चावल का सवाल है तो भाटापाड़ा में विष्णुभोग का दाम 200 रुपए की वृद्धि के साथ 7300 रुपए प्रति क्विंटल और अमृतसर में 1509 स्टीम का भाव 200 रुपए की बढ़ोत्तरी के साथ 6600/6650 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा। वहां 1718 स्टीम चावल का मूल्य भी 550 रुपए उछलकर 6950/7000 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। हरियाणा की करनाल मंडी में 1509 सेला के दाम में 200 रुपए तथा स्टीम के भाव में 300 रुपए का इजाफा हुआ जबकि 1718 स्टीम चावल का मूल्य 700 रुपए उछलकर 7200/7300 रुपए प्रति क्विंटल की ऊंचाई पर पहुंच गया। इसमें निर्यातकों की भारी मांग बताई जा रही है।