साप्ताहिक समीक्षा- धनिया

17-May-2025 08:19 PM

धनिया कीमतों में मंदे की संभावना नहीं 

नई दिल्ली। चालू सप्ताह के दौरान धनिया बाजार में कारोबार कम रहा। क्योंकि वायदा बाजार में भाव सीमित बने रहे। मगर व्यापारिक धारणा तेजी की बन जाने के कारण हाजिर बाजारों में धनिया के भाव सप्ताह के अंत में मजबूती के साथ बोले गए। वायदा बाजार में मई माह का भाव सप्ताह के शुरू में 7080 रुपए खुला था जोकि सप्ताह के अंत में 7020 रुपए पर बंद हुआ। जबकि जून माह का वायदा 7044 रुपए खुलने के पश्चात 7082 रुपए पर बंद हुआ है। जानकार सूत्रों का कहना है कि उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर धनिया की आवक घटने लगी है। क्योंकि कुल उत्पादन का अधिकांश माल मंडियों में आ चुका है। आगामी दिनों में मंडियों में आवक सीमित रहेगी। जबकि लोकल एवं निर्यात मांग में सुधार होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि चालू सीजन के दौरान उत्पादक केन्द्रों पर बिजाई घटने के बावजूद धनिया की पैदावार संतोषजनक रही क्योंकि मौसम फसल के अनुकूल बना रहने के कारण प्रति हेक्टेयर उत्पादकता में वृद्धि रही। सूत्रों का मानना है कि चालू सीजन के दौरान गुजरात, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में धनिया की पैदावार एक करोड़ बोरी से अधिक रहने की संभावना है जबकि गत वर्ष पैदावार 1.10 करोड़ बोरी की रही थी वर्ष 2023 में उत्पादन 1.50/1.60 करोड़ बोरी का रहा था। 

आवक 

जानकार सूत्रों का कहना है कि गुजरात की मंडियों में लगभग 70/75 प्रतिशत माल आ जाने के कारण मंडियों में आवक घटने लगी है। धनिया की प्रमुख मंडी गोंडल में आवक घटकर 15000 बोरी की रह गई है। इस वर्ष गुजरात में धनिया की पैदावार 40/42 लाख बोरी रहने के समाचार है। मध्य प्रदेश की मंडियों में भी आवक कम रही। मध्य प्रदेश की प्रमुख मंडी गुणा एवं कुम्भराज में धनिया की दैनिक आवक घटकर 10/12 हजार बोरी की रह गई है। मध्य प्रदेश में इस वर्ष धनिया का उत्पादन 45/48 लाख बोरी का माना जा रहा है। राजस्थान की प्रमुख मंडी रामगंज में भी आवक घटकर लगभग 5 हजार बोरी की रह गई है। जबकि कोटा एवं बारां में आवक 1000/1500 बोरी की हो रही है। इस वर्ष राज्थान में धनिया की पैदावार 14/15 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं।

मन्दा तेजी 

जानकार सूत्रों का कहना है कि धनिया की वर्तमान कीमतों में मंदे की संभावना नहीं है। क्योंकि मंडियों में आवक का दबाव घटने लगा है। इसके अलावा खपत की तुलना में धनिया की कुल उपलब्धता भी कम रहेगी। जिस कारण से आगामी दिनों में धनिया की कीमतों में 8/10 रुपए प्रति किलो तेजी आने के व्यापारिक अनुमान लगाए जा रहे हैं। वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर धनिया ईगल के भाव 6800/7000 रुपए एवं बादामी का भाव 6000/6400 रुपए बोला जा रहा है।  

जानकार सूत्रों का कहना है कि चालू सीजन के दौरान पैदावार कम रहने के अलावा धनिया का बकाया स्टॉक भी कम रहा। उल्लेखनीय है कि चालू सीजन के दौरान उत्पादक उत्पादक केन्द्रों पर नए मालों की आवक के समय धनिया का स्टॉक 35/40 लाख बोरी का माना जा रहा था जबकि गत वर्ष स्टॉक 65/70 लाख बोरी का था। 

उपलब्धता कम 

चालू सीजन के दौरान खपत की तुलना में धनिया की उपलब्धता कम रहने की संभावना है। सूत्रों का कहना है। चालू सीजन के दौरान लगभग एक बोरी नई पैदावार एवं 35/40 लाख बोरी का बकाया स्टॉक को मिलाकर कुल उपलब्धता 1.35/1.40 करोड़ बोरी की रहेगी। जबकि हमारी सालाना लोकल एवं निर्यात खपत लगभग 1.50/1.60 करोड़ बोरी की रहती है। कुल उपलब्धता घटने के कारण आगामी दिनों में धनिया कीमतों में मजबूती रहने की संभावना है।

निर्यात घटा 

चालू वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान धनिया के निर्यात में गिरावट दर्ज की गई है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-फरवरी के दौरान धनिया का निर्यात 54829.73 टन का रहा और निर्यात से प्राप्त आय 57403 लाख रुपए की रही। जबकि अप्रैल-फरवरी 2023-24 के दौरान धनिया का निर्यात 100333.98 टन का रहा था और निर्यात से प्राप्त आय 87136 लाख रुपए की रही थी। एक ओर जहां निर्यात मात्रा में 45 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं आय में भी 34 प्रतिशत की कमी आई है।