सरकार को प्रचलित बाजार मूल्य पर फसल खरीदने का सुझाव

07-Jan-2026 08:46 PM

नई दिल्ली। एक अग्रणी उद्योग संस्था- कॉन फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज (सीआईआई) ने कहा है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) विभिन्न फसलों की खरीद के लिए सरकार की निर्भरता हद से ज्यादा बढ़ गई है

इसलिए उसे इस प्रक्रिया के बदले सीधे बाजार में प्रचलित दाम पर किसानों से इसकी खरीद का प्रयास करना चाहिए। इससे फसल विविधिकरण को प्रोत्साहन मिलेगा और ज्यादा स्थायी विकल्प भी प्राप्त हो सकेगा। 

सीसीआई ने अपने बजट-पूर्व ज्ञापन में कई अन्य महत्वपूर्ण सुधारों के भी सुझाव दिए हैं। इसमें पुरानी कृषि भूमि परिसीमन कानून को रद्द करना भी शामिल है।

संस्था के अनुसार यह संभव है कि भूतकाल में यह कानून जमीन के पुनः विवरण या बंटवारे की अनुमति देता हो लेकिन वर्तमान समय में यह किसानों की आमदनी बढ़ाने में बाधक साबित हो रहा है।

इस सीलिंग सीमा के अनुरूप जिन सफल किसानों को जमीन हासिल हुई वे और अधिक भूमि खरीदने में असमर्थन हो गए हैं और इसके फलस्वरूप इसकी आमदनी भी सीमित हो गई है। 

ज्ञापन में कहा गया है कि कृषि उत्पादों के बाजार भाव में अक्सर उतार-चढ़ाव आता रहता है और इससे किसानों की आमदनी भी घटती-बढ़ती रहती है।

कीमतों में भारी गिरावट आने पर भी जब सरकारी खरीद नहीं होती तब किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होता है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों की पर्याप्त खरीद सुनिश्चित होना जरुरी है लेकिन सरकार को अब इससे आगे भी सोचने की आवश्यकता है।

कृषि क्षेत्र की निरंतर एवं स्थायी प्रगति के लिए किसानों को समुचित प्रोत्साहन अवश्य मिलना चाहिए। इसमें खासकर दलहन, तिलहन एवं मोटे अनाजों की फसले सम्मिलित हैं।