सरसों की बिजाई बढ़ी मगर मूंगफली का रकबा घटा
30-Dec-2025 08:28 PM
नई दिल्ली। रबी कालीन तिलहन फसलों की बिजाई का अभियान जल्दी ही समाप्त होने वाला है। कुल मिलाकर इसका रकबा गत वर्ष से आगे चल रहा है जिसमें मुख्य रूप से सरसों का योगदान है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार चालू रबी सीजन के दौरान तिलहन फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 26 दिसम्बर तक बढ़कर 94.29 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया
जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 93.25 लाख हेक्टेयर से 1.04 लाख हेक्टेरी अधिक है। 2024-25 के सम्पूर्ण रबी सीजन में तिलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र 93.49 लाख हेक्टेयर तक ही पहुंच सका था जबकि चालू सीजन का रकबा उससे आगे निकल चुका है। ही नहीं बल्कि तिलहनों का मौजूदा उत्पादन क्षेत्र इसके पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 86.78 लाख हेक्टेयर से भी काफी ऊपर पहुंच गया है।
पिछले साल के मुकाबले वर्तमान रबी सीजन में सबसे प्रमुख तिलहन- सरसों का उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 87.80 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है
जो गत वर्ष की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 86.57 लाख हेक्टेयर तथा पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 79.17 लाख हेक्टेयर से काफी अधिक है। राजस्थान और गुजरात सहित अन्य प्रमुख उत्पादक प्रांतों में सरसों की बिजाई बढ़ने की सूचना मिल रही है।
अन्य रबी कालीन तिलहन फसलों में समीक्षाधीन अवधि के दौरान मूंगफली का उत्पादन क्षेत्र 3.29 लाख हेक्टेयर से घटकर 2.77 लाख हेक्टेयर रह गया।
अलसी का बिजाई क्षेत्र 2 लाख हेक्टेयर तथा तिल का रकबा 10 हजार हेक्टेयर के करीब रहा जो पिछले साल के लगभग बराबर है।
लेकिन सूरजमुखी का क्षेत्रफल 34 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 45 हजार हेक्टेयर और सैफ्लावर का रकबा 64 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 83 हजार हेक्टेयर हो गया।
