संशोधित मूल्य के साथ भारत ब्रांड के खाद्य उत्पादों की दोबारा बिक्री शुरू होगी
07-Oct-2024 12:47 PM
नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा शीघ्र ही भारत ब्रांड के आटा, चावल एवं दाल-दलहनों की बिक्री दोबारा आरम्भ किए जाने की सम्भावना है। लेकिन इस बार इन खाद्य उत्पादों के उच्चतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) में इजाफा किया जाएगा। प्रथम चरण के मुकाबले इस दूसरे चरण में आटा का दाम 27.50 रुपए से बढ़ाकर 30 रुपए प्रति किलो, चावल का भाव 29.50 रुपए से बढ़ाकर 32 रुपए प्रति किलो तथा चना दाल का मूल्य 60 रुपए से बढ़ाकर 70 रुपए प्रति किलो निर्धारित किया जा सकता है। इसके अलावा साबुत चना भी 58 रुपए प्रति किलो की दर से उपलब्ध करवाया जाएगा।
लेकिन भारत ब्रांड नाम के तहत मूंग दाल का दाम 107 रुपए प्रति किलो के पुराने स्तर पर बरकरार रखे जाने के सम्भावना है। इस दूसरे चरण में मसूर दाल की बिक्री भी शुरू की जा सकती है जिसका एमआरपी 89 रुपए प्रति किलो नियत होने की उम्मीद है। कीमतों के लिए गठित मंत्रीस्तरीय पैनल द्वारा जल्दी ही खाद्य उत्पादों के एमआरपी पर निर्णय लिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि फरवरी 2024 में सरकार ने भारत ब्रांड नाम के तहत चावल की बिक्री 5 किलो एवं 10 किलो के पैक में आरम्भ की थी और इसका उच्चतम खुदरा मूल्य 29 रुपए प्रति किलो निर्धारित किया था। उससे पूर्व नवम्बर 2023 में 275 रुपए प्रति 10 किलो के एमआरपी पर गेहूं के आटे की बिक्री आरम्भ की गयी थी। लेकिन जून 2024 तक आते-आते चावल और आटा दोनों की बिक्री रोक दी गयी। समझा जाता है कि सरकार सब्सिडी के अधिक खर्च का भार उठाए बगैर अपने आधिकारक स्टॉक से चावल की ज्यादा से ज्यादा मात्रा की बिक्री करना चाहती है। केंद्रीय पूल में चावल का विशाल स्टॉक मौजूद है जबकि नया धान भी आने लगा है। इसे देखते हुए पुराने चावल के स्टॉक को जल्दी से जल्दी घटाने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार इस चावल पर सब्सिडी का कोई अतिरिक्त भार नहीं उठाना चाहती है। साप्ताहिक ई-नीलामी के जरिए भी चावल की बिक्री आंरभ की जा चुकी है मगर उसका उठाव कम देखा जा रहा है।
