स्टॉक सीमा में भारी कटौती

21-Feb-2025 11:05 AM

स्टॉक सीमा में भारी कटौती 
★ गेहूं की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए स्टॉक सीमा को 75% तक घटाकर व्यापारियों के लिए अधिकतम 250 टन कर दिया है, जो पहले 1,000 टन थी।
★ यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है, और व्यापारियों को अतिरिक्त भंडार को 15 दिनों के भीतर कम करने का निर्देश दिया गया है। यह संशोधित स्टॉक सीमा आदेश 31 मार्च, 2025 तक लागू रहेगा।
प्रमुख बिंदु:
- व्यापारियों/थोक विक्रेताओं के लिए स्टॉक सीमा 1,000 टन से घटाकर 250 टन कर दी गई।
- खुदरा विक्रेताओं और बड़े चेन स्टोर्स को अब 4 टन तक गेहूं रखने की अनुमति है, जो पहले 5 टन थी।
- प्रोसेसर्स को अप्रैल 2025 तक अपनी मासिक स्थापित क्षमता (MIC) का 50% स्टॉक रखने की अनुमति होगी।
नए आदेश का कारण:
- FCI की ई-नीलामी में गेहूं की कीमतों में अचानक वृद्धि: 19 फरवरी को हुई नीलामी में गेहूं की अधिकतम बोली यूपी में रुपए 3,159/क्विंटल रही, जबकि न्यूनतम रुपए 2,958/क्विंटल थी।
- सभी गेहूं भंडारण करने वाली संस्थाओं को स्टॉक लिमिट पोर्टल पर पंजीकरण जारी रखना होगा और हर शुक्रवार को स्टॉक स्थिति अपडेट करनी होगी।
- भंडारण सीमा का उल्लंघन करने वालों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 6 और 7 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
★ आई- ग्रेन इंडिया का मानना है कि स्टॉक लिमिट दायरे में लाने के लिए बिकवाली बढ़ सकती है जिसका असर कीमतों पर पड़ सकता है।
★ इस आदेश से स्पष्ट होता है कि सरकार गेहूं आयात में फ़िलहाल इच्छुक नहीं परन्तु अगर कीमतें MSP से अधिक रही तो सरकारी खरीद पर इसका असर पड़ सकता हैं, मौजूदा स्टॉक स्तिथि को देखतें हुए सरकार जरूर चाहेगी कि अधिक से अधिक मात्रा में खरीद की जाए। 
★ कुल मिलाकर आने वाला समय बहुत रोचक होने वाला है।
★ साथ ही 2 राज्यों में दिए जाने वाले बोनस का असर अन्य राज्यों की खरीद पर पड़ सकता है, अन्य राज्यों से गेहूं की निजी खरीद बढ़ सकती है क्योंकि इन दोनों राज्यों में अगर भाव घटे तो किसान सरकारी कांटे पर अपना माल तुलवा सकते हैं।