सोयाबीन का समर्थन मूल्य 6000 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंचाने का पीएम का वादा
16-Nov-2024 11:44 AM
मुम्बई । भारतीय प्रधानमंत्री ने सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाकर 6000 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंचाने के सरकार के संकल्प की घोषणा की है जिससे खासकर महाराष्ट्र के विदर्भ एवं मराठवाड़ा संभाग के उत्पादकों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
एक चुनावी सभा में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाओं से किसानों को भारी फायदा हो रहा है और नमो शेतकरी योजना में उन्हें दोगुना भुगतान प्राप्त हो रहा है।
सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य फिलहाल 4892 रुपए प्रति क्विंटल चल रहा है जिसे बढ़ाकर 6000 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित करने के लिए सरकार कृत संकल्प है।
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है और विपक्षी दल सोयाबीन उत्पादकों की कठिनाइयों को जोर शोर से उठाकर सरकार को घेरने का प्रयास कर रहे हैं।
राज्य की प्रमुख मंडियों में सोयाबीन का भाव सरकारी समर्थन मूल्य से काफी नीचे चल रहा है जिससे किसानों में भारी असंतोष है। इस असंतोष को दूर करने के लिए महाराष्ट्र की वर्तमान सरकार ने सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 6000 रुपए प्रति क्विंटल करने का वादा किया है।
प्रधानमंत्री का कहना था कि सोयाबीन का एमएसपी 6000 रुपए प्रति क्विंटल नियत होने पर विदर्भ तथा मराठवाड़ा संभाग में चुनौतियों का सामना कर रहे किसानों को राहत मिलेगी।
ध्यान देने की बात है कि मध्य प्रदेश एवं राजस्थान जैसे महत्वपूर्ण उत्पादक राज्यों में भी सोयाबीन का भाव सरकारी समर्थन मूल्य से काफी नीचे चल रहा है।
सोयाबीन के उत्पादन में मध्य प्रदेश के बाद महाराष्ट्र दूसरे नम्बर पर है। वहां इसके प्रमुख उत्पादक जिलों में वाशिम, बुलढाणा, अकोला, अमरावती, यवतमाल, नागपुर, वर्धा, चन्द्रपुर तथा भंडारा आदि शामिल हैं। मोटे अनुमान के अनुसार सिर्फ पश्चिमी विदर्भ में ही 70-71 अरब रुपए मूल्य के सोयाबीन का उत्पादन होता है।
प्रधानमंत्री का कहना था कि सोयाबीन किसानों को संकट से उबारने के लिए सरकार अलग से 5000 रुपए दे रही है। आगामी वर्षों में किसानों का लाभ बढ़ेगा और उन्हें नए अवसर भी प्राप्त होंगे। हर खेत तक सोलर ऊर्जा पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
