सोयाबीन का उत्पादन घटने एवं मूंगफली का बढ़ने का अनुमान

26-Nov-2025 08:55 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 2025-26 के खरीफ सीजन में विभिन्न फसलों के घरेलू उत्पादन का जो पहला अग्रिम अनुमान जारी किया है उससे पता चलता है कि 2024-25 सीजन की तुलना में तिलहन फसलों का कुल उत्पादन घट जाएगा।

इसके तहत खासकर सोयाबीन की पैदावार में 10 लाख टन की कमी आने की संभावना है जबकि दूसरी ओर मूंगफली का उत्पादन 6.80 लाख टन बढ़ सकता है। अन्य तिलहनों की पैदावार में भी कमी-वृद्धि होगी। 

प्रथम अग्रिम अनुमान के अनुसार खरीफ कालीन तिलहन फसलों का कुल उत्पादन 2024-25 के 280.23 लाख टन से 4.60 लाख टन घटकर 2025-26 में 275.63 लाख टन पर सिमट सकता है।

इसके तहत सोयाबीन की पैदावार 152.68 लाख टन से गिरकर 142.66 लाख टन पर अटकने की संभावना है जबकि दूसरी ओर मूंगफली का उत्पादन 104.12 लाख टन से 6.81 लाख टन बढ़कर 110.93 लाख टन पर पहुंचने की उम्मीद है।

इंदौर स्थित संस्था- सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) ने सोयाबीन का घरेलू उत्पादन पिछले साल के 125 लाख टन से घटकर इस वर्ष 105 लाख टन पर सिमटने का अनुमान लगाया है क्योंकि एक तो इसके बिजाई क्षेत्र में काफी गिरावट आ गई

और दूसरे, अधिशेष वर्षा एवं खेतों में जल जमाव से तीनों शीर्ष उत्पादक प्रांतों- मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं राजस्थान में फसल को भारी नुकसान हुआ। 

जहां तक मूंगफली का सवाल है तो इसके क्षेत्रफल में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई और बाढ़-वर्षा से फसल को कम नुकसान हुआ।

खेतों से पानी हटने के बाद दोनों प्रमुख उत्पादक प्रांतों- गुजरात एवं राजस्थान में फसल की हालत बेहतर हो गई। इसके फलस्वरूप उत्पादन में बढ़ोत्तरी का अनुमान लगाया गया है। लेकिन उत्पादन का आंकड़ा कुछ बड़ा प्रतीत होता है।