SOPA 2025 – प्राइस आउटलुक सत्र का सारांश

10-Oct-2025 04:09 PM

SOPA 2025 – प्राइस आउटलुक सत्र का सारांश
मॉडरेटर: मृतुंजय झा, ज़ी बिज़नेस
पैनलिस्ट के विचार:
जानकीरमन, सुगुना फूड्स
★ DDGS मील इंडस्ट्री के लिए नया कमोडिटी है, लेकिन 2-3 साल में स्थिर हो जाएगा।
★ DDGS सोयाडॉक को पूरी तरह से रिप्लेस नहीं कर सकता।
★ प्राइस आउटलुक: कीमतें अभी नीचे स्तर पर हैं और भविष्य में ऊपर जा सकती हैं।
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विवेक पाठक, एथेना ट्रेडिंग
★ मील की कीमतें अभी ऊँची हैं।
★ वैश्विक ट्रेडिंग बदल रही है – पहले बांग्लादेश भारत से खरीदता था, अब ऊँची कीमतों के कारण सीधे अर्जेंटीना से आयात कर रहा है।
★ भारत को अपनी खुद की खपत पर ध्यान देना चाहिए।
★ सोया की बुआई स्थिर है, केवल उत्पादकता बढ़ाने से समाधान संभव है।
★ प्राइस आउटलुक: पाम ऑयल में तेजी, इंडोनेशिया और मलेशिया में बारिश से उत्पादन प्रभावित। मलेशिया का CPO 5,000 रिंगिट्स से ऊपर जा सकता है। सूरजमुखी तेल लगभग 1350 USD/MT है और भविष्य में बढ़ सकता है। डायनामिक ड्यूटी स्ट्रक्चर की जरूरत है। जनवरी–मार्च में कीमतें 5,000 रुपए/ क्विंटल तक पहुँच सकती हैं।
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संदीप गुप्ता, बंज़
★ तेल क्षेत्र में वैश्विक व्यापार तेजी से बदल रहा है।
★ पिछले साल सरकार के 22 लाख टन सोया स्टॉक ने बाजार दबाव में रखा था, इस साल भी अधिग्रहण अधिक है।
★ दिसंबर तक कीमतें 4,200–4,300 रुपए/ क्विंटल के आसपास रह सकती हैं, जनवरी से बढ़कर 5,000 रुपए/ क्विंटल तक जा सकती हैं।
★ प्राइस आउटलुक: भवान्तर योजना के कारण कीमतें वर्तमान स्तर से 5-7% गिर सकती हैं।
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प्रशांत रेड्डी, LDC
★ अमेरिका और विश्व की नीतियां नियमित रूप से बदल रही हैं।
★ अब ऑयल कॉम्प्लेक्स बायोडीज़ल और B50 प्रोग्राम जैसी वजहों से ऊपर जा रहा है।
★ प्राइस आउटलुक: सोयाबीन तेल की कीमतें बढ़ेंगी, जिससे क्रशिंग मार्जिन भी बढ़ेंगे। अधिकतम सोया तेल 5,000 रुपए/ क्विंटल तक पहुंच सकता है।
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अजय पारमार, MOEL
★ भारत औसतन 80 लाख टन सोयामील उत्पादित करता है, जिसमें 17-18 लाख टन निर्यात और बाकी घरेलू खपत होती है।
★ DDGS वर्तमान में चुनौती है, लेकिन भविष्य में स्थिर हो जाएगा।
★ प्राइस आउटलुक: कीमतें और नहीं गिरेंगी। सरकार ने तेलों पर आयात शुल्क बढ़ाया है, लेकिन सोयाबीन की कीमतें नीचे रुझान में थीं। कीमतें भविष्य में 4,500–5,000 रुपए/ क्विंटल के बीच रह सकती हैं।
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अमित जैन, अबीस फूड्स
★ सोयामील की मांग 9-10% प्रति वर्ष बढ़ रही है।
★ वर्तमान में DDGS मांग पूरी कर रहा है।
★ मक्का DDGS उत्पादन 31 लाख टन, चावल DDGS 8 लाख टन।
★ DDGS प्रतियोगिता सोयामील इंडस्ट्री के लिए बाधा बनी।
★ प्राइस आउटलुक: सोयाबीन की कीमतें सबसे निचले स्तर पर हैं और मांग बढ़ने पर सुधार होगी।
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डीएन पाठक, सोपा
★ मध्य प्रदेश के 65 जिलों में से 55 जिलों में अत्यधिक बारिश से फसल प्रभावित।
★ राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में फसल को नुकसान।
★ DDGS का प्रभाव अल्पकालिक है, लेकिन दीर्घकाल में सोया इंडस्ट्री के लिए लाभकारी।
★ सोया उत्पादों की ऊँची कीमतों का कारण कच्चा सोया बीन्स है।
★ भवान्तर योजना अच्छी पहल है, लेकिन स्टेकहोल्डर्स को ईमानदारी से काम करना चाहिए।
★ सभी समस्याओं का समाधान केवल उत्पादकता बढ़ाने में है।
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मेहुल, अफ्रीका प्रतिनिधि
★ ईस्ट और वेस्ट अफ्रीका में इस साल फसल का आकार कम।
★ अफ्रीका कुल 22 लाख टन उत्पादन करता है, 13-14 लाख टन क्रशिंग के बाद 6-7 लाख टन निर्यात।
★ बेनिन के निर्यात पर रोक है, अगर खुला तो भारत 1-2 लाख टन आयात कर सकता है।
★ भारत सरकार को ऑयल कॉम्प्लेक्स का फ्यूचर ट्रेडिंग फिर से शुरू करनी चाहिए।
★ प्राइस आउटलुक: अभी फसल की आवक है, कीमतें 4,200-4,500 के बीच रह सकती हैं, जनवरी से बढ़कर 5,000 रुपए/ क्विंटल तक जा सकती हैं।
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★ सभी विशेषज्ञों में एक मत कहा कि केवल और केवल उत्पादकता बढ़ने से ही सभी समस्यों से निदान मिल सकता है। 
★ भविष्य में कीमतों को लेकर सभी का यह मानना हैं कि भविष्य में लिमटें 5,000 रुपए/ क्विंटल का स्तर छू सकती हैं।