तेल-खली निर्यात में बढ़ोतरी

18-Nov-2025 11:52 AM

सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन (SEA) के अनुसार अक्टूबर 2025 में भारत से 3.71 लाख टन ऑयलमील निर्यात हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 21% अधिक है।

अप्रैल–अक्टूबर 2025 के दौरान कुल निर्यात 24.64 लाख टन रहा, जो पिछले वर्ष से 3% ज्यादा है।

डी-ऑयल्ड राइस ब्रान (DORB) निर्यात

सरकार द्वारा 3 अक्टूबर 2025 से प्रतिबंध हटाने के बाद DORB का निर्यात फिर शुरू हुआ। अक्टूबर में 14,589 टन निर्यात हुआ जो मुख्यतः वियतनाम और नेपाल को किया गया।

रेपसीड मील: चीन बना सबसे बड़ा खरीदार

चीन की बढ़ी मांग से अप्रैल–अक्टूबर 2025 में 5.82 लाख टन रेपसीड मील निर्यात हुआ, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में केवल 14,886 टन था।

भारतीय रेपसीड मील की कीमत 217 डॉलर है, जबकि जर्मनी (हैम्बर्ग) का रेट 244 डॉलर है, जिससे भारत को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिल रही है।

ग्राउंडनट मील निर्यात में बढ़त

पिछले दो वर्षों में मूंगफली उत्पादन बढ़ने से क्रशिंग और निर्यात में तेजी आई।

अक्टूबर 2025 में 19,300 टन ग्राउंडनट मील निर्यात हुआ, जो एक साल पहले के 7,823 टन से काफी अधिक है।

SEA सर्वे के अनुसार गुजरात में मूंगफली का रकबा 3 लाख हेक्टेयर बढ़कर 22.02 लाख हेक्टेयर हो गया है और उत्पादन 46.07 लाख टन अनुमानित है।