तेलंगाना में 22 अक्टूबर से कपास की सरकारी खरीद शुरू करने का निर्णय
14-Oct-2025 01:55 PM
हैदराबाद। दक्षिण भारत के सबसे प्रमुख रूई उत्पादक राज्य- तेलंगाना में केन्द्रीय कपड़ा मंत्रालय की अधीनस्थ एजेंसी- भारतीय कपास निगम (सीसीआई) तथा जिनिंग मिलों के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर जारी गतिरोध दूर होने के बाद अब 22 अक्टूबर 2025 से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर किसानों से कपास की सरकारी खरीद आरंभ करने का निर्णय लिया गया है।
तेलंगाना कृषि विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि सीसीआई तथा जिनिंग मिलों द्वारा 19 अक्टूबर तक टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर लिए जाएगी और क्रय केन्द्रों को भी अधिसूचित कर दिया जाएगा।
चालू मार्केटिंग सीजन के दौरान सहकारी एजेंसी द्वारा तेलंगाना में करीब 24 लाख टन रूई की खरीद किए जाने की संभावना है। राज्य में कपास की आवक पहले ही शुरू हो चुकी है।
उल्लेखनीय है कि सीसीआई के साथ कुछ अनसुलझे मुद्दों की वजह से इस बार तेलंगाना में किसानों से सही समय पर कपास की खरीद आरंभ नहीं हो सकी।
दरअसल सरकारी एजेंसी की ओर से जिनिंग मिलों द्वारा कपास की खरीद करके उसे गांवों में पैक किया जाता है और इसकी एक निश्चित प्रक्रिया होती है।
लेकिन इस वर्ष आमतौर पर तेलंगाना और खासकर वारंगल जिले में कपास की खरीद के लिए सरकारी एजेंसी द्वारा जारी टेंडर में जिनिंग इकाइयों ने भाग नहीं लिया क्योंकि उसे निगम द्वारा लागू किए गए नए रेग्युलेटरी नियमों से असुविधा हो रही थी। वस्तुतः बिनौला सहित कपास की जिनिंग प्रेसिंग के बाद शुद्ध रूई की प्रतिशत मात्रा के सम्बन्ध में एजेंसी का नियम काफी सख्त माना जा रहा था। इसके अलावा बिडर्स के आवंटन, स्लॉट बुकिंग एवं एरिया मैपिंग का नियम भी जिनर्स के लिए प्रतिकूल था।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अब मामला सुलझ गया है और लगभग 330 जिनिंग मिलों द्वारा कपास की खरीद आरंभ किए जाने की संभावना है।
तेलंगाना में वारंगल के अलावा आदिलाबाद, खम्माम, नाल गोंडा, सांगारेड्डी तथा नगर कुर्नूल जैसे जिलों में कपास की खेती बड़े पैमाने पर होती है।
सरकारी खरीद शुरू होने पर वहां कपास उत्पादकों को काफी राहत मिलेगी। केन्द्र सरकार द्वारा 2024-25 की तुलना में 2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन के लिए कपास न्यूनतम समर्थन मूल्य मीडियम रेशेवाली श्रेणी के लिए 8.3 प्रतिशत बढ़ाकर 7710 रुपए प्रति क्विंटल तथा लम्बे रेशेवाली किस्मों के लिए 7.8 प्रतिशत बढ़ाकर 8110 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
