तेलंगाना में व्यापारियों द्वारा की जा रही है नमी युक्त कपास की खरीद

06-Nov-2025 03:25 PM

वारंगल। हालांकि तेलंगाना सरकार ने केन्द्रीय कपड़ा मंत्रालय और उसकी अधीनस्थ एजेंसी- भारतीय कपास निगम (सीसीआई) से एमएसपी पर खरीदी जाने वाली कपास में नमी के मान्य या स्वीकृत स्तर को 8-12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत नियत करने का आग्रह किया था लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया।

तेलंगाना के किसान कई दिनों तक अपनी अधिक नमी युक्त कपास की बिक्री सरकारी एजेंसी को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करने के लिए प्रयासरत रहे लेकिन जब उसे इसमें सफलता नहीं मिली तब उसने व्यापारियों को कम दाम पर अपना स्टॉक बेचना शुरू कर दिया। 

वरिष्ठ आधिकारिक सूत्रों के अनुसार किसान अपने उत्पाद को बेचने के लिए कई दिनों तक इंतजार करते रहे मगर जब इसमें नमी का अंश घटने लगा तभी अचानक बारिश शुरू हो गई। जिससे नमी का स्तर पुनः बढ़कर 18 से 23 प्रतिशत पर पहुंच गया।

सीसीआई ने एमएसपी पर इसकी खरीद करने से इंकार कर दिया जिससे किसानों को प्राइवेट व्यापारियों के हाथों काफी कम दाम पर अपन उत्पाद बेचने के लिए विवश होना पड़ा।

व्यापारियों के साथ होने वाले करार के तहत नमी के तौर पर कपास का वजन 1.50 किलो घटाया गया और प्रत्येक बोरी में 1 किलो की अतिरिक्त कटौती करने पर भी सहमति बन गई।

किसानों ने व्यापारियों से यथासंभव सर्वोत्तम मूल्य देने का आग्रह किया और लम्बे विचार-विमर्श के बाद व्यापारी 6950 रुपए प्रति क्विंटल की दर से उस कपास की खरीद के लिए सहमत हो गए।

पूरे दिन में 7400 बोरी या करीब 3600 क्विंटल कपास का कारोबार इस मूल्य स्तर पर हो गया जिससे किसानों को थोड़ी राहत मिल गई। 

उधर तेलंगाना कॉटन मिलर्स एंड ट्रेडर्स वैलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष का कहना है कि सीसीआई की आवंटन प्रणाली के खिलाफ जोरदार विरोध जारी है क्योंकि इस सिस्टम से अनेक जिनिंग इकाइयां बंद हो रही हैं।

एसोसिएशन द्वारा इस सम्बन्ध में 30 अक्टूबर एवं 2 नवम्बर को ज्ञापन भी दिया गया मगर निगम की ओर से कोई जवाब नहीं आया। तेलंगाना की 323 जिनिंग मिलों को किसान कपास एप के माध्यम से कपास की खरीद में दिक्कत हो रही है।