तिलहन फसलों के रिकॉर्ड उत्पादन अनुमान के बावजूद खाद्य तेलों का आयात बढ़ा

24-Nov-2025 04:18 PM

मुम्बई। तिलहन-तेल क्षेत्र के एक अग्रणी संगठन- सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) ने केन्द्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा 2024-25 सीजन के लिए तिलहन फसलों के लगाए गए अंतिम उत्पादन अनुमान का स्वागत करते हुए कहा है कि सरकार ने तिलहनों का कुल उत्पादन 429.89 लाख टन आंका है जो 2023-24 सीजन के उत्पादन से 32.20 लाख टन ज्यादा और एक नया रिकॉर्ड स्तर है।

इसके तहत सोयाबीन का उत्पादन बढ़कर 152.68 लाख टन तथा मूंगफली का उत्पादन 119.42 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है और दोनों के उत्पादन में दो अंकों की वृद्धि हुई है। इतना विशाल उत्पादन घरेलू खाद्य तेल उद्योग के लिए उत्साहवर्धक है लेकिन खाद्य तेलों की घरेलू मांग एवं खपत में हो रही बढ़ोत्तरी के कारण इसका आयात भी बढ़ रहा है। 

2023-24 के मुकाबले 2024-25 के मार्केटिंग सीजन (नवम्बर-अक्टूबर) के दौरान खाद्य तेलों के आयात में गिरावट के बजाए कुछ बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। इसे देखते हुए केन्द्र सरकार को तिलहन फसलों के उत्पादन आंकड़े का आंकलन करते समय उद्योग के साथ बेहतर तालमेल से काम लेना चाहिए ताकि बाजार में असमंजस या दुविधा की स्थिति न रहे।  

रबी कालीन तिलहन फसलों की बिजाई जोर शोर से जारी है और खासकर सबसे प्रमुख तिलहन फसल-सरसों के क्षेत्रफल में अच्छी बढ़ोत्तरी हो रही है। मौसम की हालत भी अनुकूल है जिससे उसके उत्पादन में इजाफा होने के आसार हैं।

2025-26 के खरीफ सीजन में बाढ़-वर्षा से तिलहन फसलों को नुकसान हुआ जिससे खासकर सोयाबीन की पैदावार प्रभावित होने की आशंका है। इस तिलहन का थोक मंडी भाव भी सरकारी समर्थन मूल्य से नीचे चल रहा है।