तिलहन मिशन एवं खाद्य तेलों पर आयात शुल्क में वृद्धि का सरकारी निर्णय बेहद महत्पूर्ण- डेविस जैन
15-Oct-2024 07:13 PM
इंदौर । सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) द्वारा इंदौर में 14-15 अक्टूबर 2024 को आयोजित दो दिवसीय 7 वें इंटरनेशनल सोया कॉनक्लेव को सम्बोधित करते हुए सोपा के चेयरमैन एवं खाद्य तेल उद्योग के जाने माने विश्लेषक डॉ० डेविस जैन ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा हाल के दिनों में दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए जिससे घरेलू प्रभाग में तिलहनों-तेलों का उत्पादन बढ़ाने, किसानों को उचित वापसी सुनिश्चित करने तथा खाद्य तेलों के आयात पर घटाने में सहयता मिलेगी।
सरकार ने क्रूड एवं रिफाइंड खाद्य तेलों पर आयात शुल्क में 20 प्रतिशत बिंदु की बढ़ोत्तरी कर दी है और राष्ट्रीय तिलहन-तेल मिशन की लांचिंग की घोषणा की है।
सरकार का यह दूरदर्शी एवं व्यवहारिक निर्णय है और इससे वर्ष 2030 तक भारत अपने खाद्य तेलों की 65-70 प्रतिशत जरूरतों को स्वदेशी स्रोतों से पूरा करने में सक्षम हो सकता है। इससे बहुमूल्य विदेशी मुद्रा की बचत भी होगी।
सोपा द्वारा लम्बे समय से ये दोनों मांगें उठाई जा रही थी और यह खुशी की बात है कि अंततः सरकार ने देश तथा किसानों के हित में इसे स्वीकार कर लिया।
इस निर्णय से तिलहन उत्पादकों एवं क्रशर्स- प्रोसेसर्स के हितों की रक्षा के प्रति सरकार की प्रतिब्धता का स्पष्ट संकेत मिलता है। मौजूदा केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान जब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने किसानों की भलाई के लिए अनेक कदम उठाए थे।
राष्ट्रीय तिलहन-तेल मिशन घरेलू प्रभाग में तिलहनों एवं खाद्य तेलों का उत्पादन बढ़ाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है। सरकार ने तिलहन का घरेलू उत्पादन 2030-31 तक बढ़ाकर तक बढ़ाकर 697 लाख टन निभा सकता है।
तिलहनों का उत्पादन बढ़ने से न केवल खाद्य तेल के आयात में कमी आएगी बल्कि ऑयल मील का निर्यात बढ़ाना भी संभव हो सकेगा जिससे विदेशी मुद्रा की आमदनी बढ़ेगी। सोपा हमेशा से सोयाबीन उत्पादकों एवं प्रोसेसर्स के हितों के संरक्षण हेतु संघर्ष करता रहा है।
