त्यौहारी सीजन में आवश्यक वस्तुओं का भाव स्थिर रहने का सरकार को भरोसा
19-Sep-2024 08:52 PM
नई दिल्ली । केन्द्र सरकार को भरोसा है कि तमाम नीतिगत प्रयासों एवं ठोस उपायों के कारण त्यौहारी सीजन के दौरान प्रमुख कृषि एवं खाद्य उत्पादों का भाव काफी हद तक स्थिर बना रह सकता है।
केन्द्रीय खाद्य सचिव के अनुसार निकट भविष्य में चावल, गेहूं, खाद्य तेल, चीनी, दाल-दलहन एवं सब्जियों के दाम में जोरदार तेजी आने की संभावना नहीं है क्योंकि इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता बढ़ाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
आयात निर्यात की नीति में आवश्यकतानुसार बदलाव किए जा रहे हैं और स्वदेशी उद्योग-व्यापार संगठनों से सहयोग देने के लिए कहा जा रहा है।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत गेहूं का वितरण पुनः शुरू करने का निर्णय लिया गया है और अक्टूबर 2024 से मार्च 2025 तक वितरण के लिए 35 लाख टन गेहूं का कोटा आवंटित किया जाएगा।
चावल के निर्यात पर लगे प्रतिबंध में ढील या रियायत देने का प्रस्ताव विचारा चीन है। किसानों को औने-पौने दाम पर अपने उत्पाद की बिक्री से बचाने तथा फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान का भार घटाने के लिए एक क्रेडिट गारंटी स्कीम शुरू की गई है।
परम्परागत रूप से पीक त्यौहारी सीजन के दौरान अनेक आवश्यक खाद्य उत्पादों की मांग, खपत एवं कीमत बढ़ जाती है जिससे आम उपभोक्ताओं को भारी परेशानी होती है।
आवश्यक खाद्य उत्पादों का दाम पहले से ही ऊंचे स्तर पर चल रहा है और खाद्य महंगाई का ग्राफ भी ऊंचा है।
सरकार इसमें और वृद्धि को रोकने के लिए पूरी तरह सक्रिय हो गई है इसलिए उसे बाजार में स्थिरता का माहौल बनने का भरोसा है। खाद्य तेलों और खासकर सरसों तेल के दाम में दाल के दिनों में कुछ बढ़ोत्तरी हुई है।
