थाई चावल का निर्यात अगले साल 10 प्रतिशत घटने की संभावना
30-Dec-2025 02:01 PM
बैंकॉक। चालू वर्ष (2025) के दौरान थाईलैंड से करीब 80 लाख टन चावल का निर्यात हुआ जबकि अगले साल यानी वर्ष 2026 में कुल शिपमेंट 10 प्रतिशत से ज्यादा घटकर 70 लाख टन के आसपास सिमट जाने का अनुमान है।
थाईलैंड की मुद्रा-बहत अन्य निर्यातक देशों की मुद्रा के मुकाबले 10-20 प्रतिशत ज्यादा मजबूत है जिससे उसके चावल निर्यातकों को खासकर भारत की प्रतिस्पर्धा का सामना करने में भारी कठिनाई हो सकती है।
थाईलैंड के वाणिज्य मंत्रालय में विदेश व्यापार विभाग के प्रमुख का कहना है कि यदि 'बहत' की मजबूती कायम रही तो थाई कृषि उत्पादों और खासकर चावल के निर्यात में चुनौतियां बहुत बढ़ जाएगी।
उसके अनुसार चीन को सरकारी स्तर पर 5 लाख टन चावल की बिक्री के लिए करार पर बातचीत जारी है और जल्दी ही इस पर सहमति बन सकती है।
उल्लेखनीय है कि नवम्बर 2025 में थाईलैंड ने सिंगापुर को अगले पांच वर्षों में एक लाख टन चावल भेजने पर सहमति व्यक्त की थी।
उसके अलावा थाईलैंड अपने सफेद चावल एवं सेला चावल का निर्यात इराक, सऊदी अरब तथा मध्य-पूर्व एशिया के अन्य देशों के साथ-साथ अफ्रीका में भी बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।
इतना ही नहीं बल्कि थाईलैंड में अपने एक खास प्रोजेक्ट के अंतर्गत जर्मनी, स्विट्जरलैंड तथा अमरीका में अपनी प्रीमियम क्वालिटी के चावल का निर्माण करने हेतु अवसरों की तलाश शुरू करने का प्लान भी बनाया है।
वर्ष 2025 में थाईलैंड से कुल 75 लाख टन चावल के निर्यात का लक्ष्य निर्धारित किया गया था जबकि इसका वास्तविक शिपमेंट 79-80 लाख टन पर पहुंच जाने की उम्मीद है।
