दलहनों के वैश्विक उपयोग का दायरा बढ़ने के संकेत
18-Nov-2025 08:13 PM
सिडनी। राबो बैंक की एक रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्व स्तर पर दाल-दलहन की मांग एवं खपत का दायरा बढ़ता जा रहा है और इसके बाजार में काफी बदलाव आ गया है।
पहले दाल-दलहन का उपयोग प्रत्यक्ष खाद्य उद्देश्य में ही होता था लेकिन अब अनेक अन्य व्यंजनों एवं खाद्य पदार्थों के निर्माण में एक महत्वपूर्ण अवयव के तौर पर इसका इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है।
इतना ही नहीं बल्कि कई देशों में प्रोटीन की आपूर्ति के लिए दाल-दलहन को मीट, मछली के एक बेहतर विकल्प के रूप में भी काफी पसंद किया जा रहा है।
अनेक देशों में अब दाल-दलहन की मांग तेजी से बढ़ रही है जिसमें दक्षिण एशिया एवं पश्चिम एशिया के साथ-साथ अफ्रीका एवं लैटिन अमरीका के देश भी शामिल है।
उपभोक्ता की खाद्य शैली में होने वाले बदलाव, भू राजनैतिक परिवर्तन एवं आयात-निर्यात की चुनौतियों के कारण दलहनों के उत्पादन, उपयोग एवं कारोबार का दायरा फैल रहा है। विविध नए-नए उत्पादों के निर्माण में दलहनों दालों का इस्तेमाल इसलिए बढ़ रहा है क्योंकि आम उपभोक्ताओं को वह काफी पसंद आ रहा है।
यूरोपीय तथा उत्तरी अमरीका महाद्वीप के देश भी दाल-दलहन की खपत बढ़ाने का जोरदार प्रयास कर रहे हैं। वहां इसके उपयोग से नए-नए खाद्य पदार्थ बनाए जा रहे हैं।
स्नैक्स एवं पास्ता जैसे उत्पादों में भी दालों का उपयोग बढ़ रहा है। इधर ऑस्ट्रेलिया सहित कुछ अन्य देशों में दालें एक महत्वपूर्ण खाद्य उत्पाद बनी हुई है। जहां तक भारत की बात है तो यह संसार में दाल-दलहन का सबसे बड़ा उत्पादक, उपभोक्त एवं आयातक देश बना हुआ है।
