दलहनों में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य दूर

11-Oct-2025 02:48 PM

हालांकि केन्द्र सरकार बार-बार देश को दलहनों के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए तमाम संभव प्रयास करने का वादा और दावा करती रही है और इसके लिए कुछ अच्छी योजना एवं रणनीति भी बनाई गई है लेकिन अभी तक कोई सार्थक  परिणाम सामने नहीं आया है।

एक तरफ दलहनों का बिजाई क्षेत्र घटता जा रहा है और इसका वार्षिक उत्पादन एक निश्चित सीमा में स्थिर हो गया है तो दूसरी ओर घरेलू मांग एवं खपत बढ़ने से विदेशों से दलहनों के आयात में भारी इजाफा हो रहा है।

पिछले वित्त वर्ष के दौरान दलहनों का आयात तेजी से उछलकर 73.40 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया। यद्यपि 2025-26 के मौजूदा वित्त वर्ष में दलहनों का आयात घटने से दलहनों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को हासिल करना निकट भविष्य में संभव होने में संदेह है।

तुवर, उड़द एवं पीली मटर के आयात को 31 मार्च 2026 तक शुल्क मुक्त कर दिया गया है जबकि देसी चना एवं मसूर के आयात पर भी महज 10-10 प्रतिशत का सीमा शुल्क लगाया गया है।

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय तथा नीति आयोग बार-बार दलहनों में आत्मनिर्भरता के लिए प्रयास करने की आवश्यकता पर जोर दे रहा है लेकिन कभी बाजार भाव ऊंचा होने पर आयात को सस्ता बना दिया जाता है तो कभी किसानों को अपने उत्पाद का आकर्षक या लाभप्रद मूल्य प्राप्त नहीं हो पाता है।

गत चार वर्षों के दौरान दलहनों के बिजाई क्षेत्र में करीब 31 लाख हेक्टेयर की जोरदार गिरावट दर्ज की गई इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि दलहनों की खेती के प्रति भारतीय किसानों का उत्साह एवं आकर्षण तेजी से घटता जा रहा है। इस स्थिति को बदले जाने की सख्त आवश्यकता है। 

हाल ही में केन्द्रीय मंत्री मंडल ने दलहनों में आत्मनिर्भरता के मिशन को स्वीकृति प्रदान की है। इसके तहत दलहन फसलों के बिजाई क्षेत्र को 275 लाख हेक्टेयर के वर्तमान स्तर से बढ़ाकर 2030-31 में 310 लाख हेक्टेयर पर पहुंचाने का लक्ष्य  रखा गया है।

इसी तरह दलहन फसलों की औसत उपज दर को बढ़ाकर 1130 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर तथा कुल पैदावार को बढ़ाकर 350 लाख टन तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

दलहन मिशन के लिए 11,440 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है और देश के 416 जिलों पर ध्यान केन्द्रित करने की बात कही जा रही है। इससे कुछ उम्मीद तो जगी है लेकिन अंतिम परिणाम इस मिशन की सफलता पर निर्भर करेगा।