देश के प्रमुख उत्पादक राज्यों में सरसों फसल की हालत संतोषजनक
26-Dec-2025 05:59 PM
नई दिल्ली। रबी सीजन की सबसे प्रमुख तिलहन फसल- सरसों की बिजाई अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। हालांकि इसका उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष से आगे चल रहा है लेकिन अत्यन्त ऊंचे मंडी भाव को देखते हुए इसके क्षेत्रफल में अपेक्षित बढ़ोत्तरी नहीं देखी जा रही है।
देश के शीर्ष उत्पादक प्रांतों- राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, गुजरात, बिहार एवं आसाम के अधिकांश इलाकों में सरसों की बिजाई पूरी हो चुकी है और फसल की हालत काफी हद तक संतोषजनक बताई जा रही है।
दिसम्बर में शीतकालीन वर्षा का अभाव देखा जा रहा है लेकिन ठंडे मौसम एवं निम्न स्तरीय तापमान के कारण खेतों की मिटटी में नमी का अंश अभी मौजूद है जिससे फसल की अच्छी प्रगति हो रही है।
राजस्थान में इस बार सरसों की बिजाई सही समय पर पूरी हो गई थी लेकिन निचले इलाकों में नमी ज्यादा होने से पहली बिजाई की फसल प्रभावित हुई और इसलिए वहां किसानों को इसकी दोबारा बिजाई करनी पड़ी।
राजस्थान में फसल 40 से 60 दिनों तक की हो चुकी है और उसमें फूल तथा दाना लगने लगा है। अगैती बिजाई वाली फसल में दाना लगने से प्रतीत होता है कि फरवरी में यह कटाई के लिए तैयार हो जाएगी।
उत्तर प्रदेश में अक्टूबर की वर्षा से कुछ क्षेत्रों में अंकुरण प्रभावित होने के बावजूद सरसों की कुल बिजाई में अच्छी प्रगति हुई। नवम्बर-दिसम्बर में मौसम साफ एवं शुष्क रहा जबकि पिछले कुछ दिनों से वहां घने कोहरे का प्रकोप देखा जा रहा है जो चालू माह के अंत तक बरकरार रहने की संभावना है।
वहां भी फसल 50-60 दिनों की हो चुकी है और अगैती बिजाई वाली फसल में फूल और दाना लगने लगा है। कहीं-कहीं दोबारा बिजाई भी हुई है।
मध्य प्रदेश में सरसों की बिजाई पहले पिछड़ रही थी क्योंकि निचले इलाकों में पानी भरा था या नमी का स्तर काफी ऊंचा था।
बाद में स्थिति सामान्य हो गई जिससे न केवल बिजाई की रफ्तार बढ़ गई बल्कि फसल की हालत भी सुधरने लगी। अगैती बिजाई वाली फसल 50-60 दिनों की हो गई है और इसमें फूल तथा दाने लगने लगे हैं।
