उत्तरी क्षेत्र के जलाशयों में 60 प्रतिशत पानी का स्टॉक मौजूद
14-Feb-2026 01:46 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय जल आयोग के आंकड़ों से पता चलता है कि देश के उत्तरी संभाग के 11 प्रमुख बांधों-जलाशयों में पानी का स्टॉक घटकर 11.960 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) रह गया है जो उसकी कुल भंडारण क्षमता 19.836 बीसीएम का महज 60 प्रतिशत है। मालूम हो कि इसी क्षेत्र में पंजाब, हरियाणा एवं राजस्थान जैसे महत्वपूर्ण कृषि उत्पादक प्रान्त आते हैं।
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर भी इसी संभाग में हैं। आयोग के अनुसार कुल भंडारण क्षमता के मुकाबले बांधों-जलाशयों में पानी का स्टॉक राजस्थान में 77 प्रतिशत, पंजाब में 69 प्रतिशत एवं हिमाचल प्रदेश में 52 प्रतिशत उपलब्ध है। इन राज्यों में मौसम की हालत फिलहाल संतोषजनक है।
इसी तरह पूर्वी क्षेत्र के 27 प्रमुख बांधों-जलाशयों में 21.759 बीसीएम की कुल भंडारण क्षमता के सापेक्ष 13.490 बीसीएम बीसीएम या 62 प्रतिशत पानी का स्टॉक बचा हुआ है। इसके तहत मेघालय के एक मात्र जलाशय में तो 97 प्रतिशत पानी का भंडार है
लेकिन आसाम के बांधों में यह घटकर मात्रा 26 प्रतिशत रह गया है। मिजोरम में भी 40 प्रतिशत पानी बचा है। बिहार तथा पश्चिम बंगाल को बांधों का जल स्तर घटकर 45 प्रतिशत नीचे आ गया है मगर उड़ीसा में जल स्तर 65 प्रतिशत से ऊपर है।
उधर दक्षिण भारत के 47 जलाशयों में 31.307 बीसीएम पानी का स्टॉक बचा हुआ है जो उसकी कुल भंडारण क्षमता 55.288 बीसीएम का 56.63 प्रतिशत है। गत वर्ष की समान अवधि में वहां 57.21 प्रतिशत पानी का भंडार मौजूद था। आंध्र प्रदेश में 77 प्रतिशत, तमिलनाडु में 62 प्रतिशत कर्नाटक एवं केरल में 60 प्रतिशत से कम और तेलंगाना में 45 प्रतिशत पानी का स्टॉक मौजूद है।
