उत्तर प्रदेश में राशन डिलीवरी के लिए 179.42 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत
17-May-2025 12:50 PM
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत राशन डिलीवरी सिस्टम को पारदर्शी, गतिशील एवं प्रभावि बनाने के लिए 179.42 करोड़ रुपए की धनराशि मंजूर की है।
इसका उद्देश्य डिलीवरी सिस्टम के अंतर्गत सम्पूर्ण शृंखला के कार्य निष्पादन में सुधार लाना है। इसमें खरीद से लेकर डिलीवरी तक की प्रक्रिया शामिल है।
इसके अलावा अंतर्राज्यीय संयोजन पर भी जोर दिया जाएगा ताकि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की दक्षता एवं कार्य कुशलता में सुधार आ सके।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के एक भाग के तौर पर सक्षम या पात्र लाभार्थियों की पहचान की जा रही है और उन्हें राशन कार्ड प्रदान किया जा रहा है।
अब तक 3.16 करोड़ से अधिक परिवारों को राशन कार्ड तथा 40.73 लाख परिवारों को अंत्योदय राशन कार्ड उपलब्ध करवाया जा चुका है। इस तरह अंत्योदय योजना में अभी तक 1.29 करोड़ से अधिक लोग शामिल हो चुके हैं।
सुपात्र लाभार्थियों की पहचान के इस मौजूदा अभियान का प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी जरूरतमंद लोग या परिवार इसमें सम्मलित होने से वंचित न रह जाए।
वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल-मार्च) के लिए धनराशि के आवंटन का अनुपात केन्द्र तथा राज्य सरकार का 50-50 प्रतिशत नियत किया गया है।
इसका उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को ज्यादा पारदर्शी, प्रभावशाली एवं उपयोगी बनाना है। इससे सही समय पर खाद्यान्न की आपूर्ति एवं लाभार्थियों को अच्छी क्वालिटी का खाद्यान्न मुहैया करवाने पर जोर दे रही है।
सरकार की इस नई स्कीम में कुछ अन्य महत्वपूर्ण बातों पर खास ध्यान दिया जाएगा। इसमें अंतर्राज्यीय परिवहन, भंडारण, लोडिंग और अनलोडिंग तथा उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से अनाज (राशन) का वितरण आदि शामिल है।
आवंटित धनराशि का उपयोग खाद्य भंडारण सुविधाओं का विकास-विस्तार करने और आपूर्ति-शृंखला को निर्बाध एवं सुगम बनाने में किया जाएगा।
