विदेशों से बढ़ते आयात के कारण कालीमिर्च का घरेलू बाजार भाव नरम

07-May-2025 01:46 PM

कोच्चि। श्रीलंका एवं वियतनाम से कालीमिर्च का आयात तेजी से बढ़ रहा है जिससे घरेलू बाजार में इसकी कीमतों में नरमी-आने लगी है। पिछले एक पखवाड़े के दौरान कालीमिर्च के दाम में 25 रुपए प्रति  किलो की गिरावट दर्ज की गई।

व्यापार विश्लेषकों के मुताबिक वर्तमान समय में कोच्चि के टर्मिनल मार्केट में अन गार्बल्ड श्रेणी की कालीमिर्च का भाव 695 रुपए प्रति किलो तथा गार्बल्ड किस्म का दाम 715 रुपए प्रति किलो चल रहा था।

कुछ दिन पूर्व अन गार्बल्ड कालीमिर्च का मूल्य बढ़कर 721 रुपए प्रति किलो की ऊंचाई पर पहुंच गया था। पिछले दो सप्ताहों के दौरान इस टर्मिनल मार्केट में कुल 616 टन कालीमिर्च का कारोबार होने की सूचना मिल रही है। 

दूसरी ओर श्रीलंका से आयातित कालीमिर्च का भाव विभिन्न खपतकर्ता केन्द्रों में इससे नीचे यानी 675-690 रुपए प्रति किलो के बीच चल रहा है। मसाला निर्माता अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए सस्ती श्रीलंकाई कालीमिर्च की खरीद में भारी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

एक अग्रणी व्यापारिक संस्था - इंडियन पीपर एंड स्पाइस ट्रेड एसोसिएशन (ईप्सता) के अध्यक्ष का कहना है कि घटती कीमतों को देखते हुए खरीदार अपने स्टॉक को रोकने एवं नई खरीद बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं जबकि उत्पादक एवं स्टॉकिस्ट अपने उत्पाद की बिक्री को सीमित रखना चाहते हैं।

वैसे किसानों को भी है कि आगामी समय में कालीमिर्च का दाम घटकर कुछ और नीचे आ सकता है। इसे देखते हुए तमिलनाडु के सभी उत्पादक केन्द्रों- गुडालूर, येरकौड तथा नमक्कल आदि में किसानों ने अपनी कालीमिर्च का स्टॉक निकालना शुरू कर दिया है। खरीदार भी उत्पादकों के साथ मोल भाव कर रहे हैं। 

भारतीय कालीमिर्च का भाव वैश्विक बाजार में अन्य निर्यातक देशों के मुकाबले ऊंचा चल रहा है क्योंकि एक तो इसकी क्वालिटी अच्छी है और दूसरे, घरेलू बाजार भाव ऊंचा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार भारतीय कालीमिर्च का निर्यात ऑफर मूल्य 8650 डॉलर प्रति टन के उच्च स्तर पर मौजूद है जबकि इसके मुकाबले श्रीलंकाई कालीमिर्च का भाव 7200 डॉलर प्रति टन, वियतनाम की कालीमिर्च का दाम 7100 डॉलर, ब्राजील के उत्पाद का मूल्य 7000 डॉलर एवं इंडोनेशियाई कालीमिर्च का निर्यात ऑफर मूल्य 7500 डॉलर प्रति टन बताया जा रहा है।

चूंकि भारतीय कालीमिर्च का भाव ऊंचा चल रहा है इसलिए प्रमुख उत्पादक देश यहां अपने उत्पाद की डम्पिंग करने की फिराक में है। ईप्सता अध्यक्ष के अनुसार भारत में श्रीलंका से 2023-24 में करीब 14,000 टन कालीमिर्च का आयात हुआ था जो 2024-25 में 10 हजार टन बढ़कर 24,000 टन की ऊंचाई पर पहुंच गया।