यूरोपीय संघ में राइस लॉबी द्वारा चावल पर सेफगार्ड प्रणाली लगाने की मांग

27-Apr-2026 06:03 PM

ब्रुसेल्स। यूरोपीय संघ में कृषि क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाली एक प्रभावशाली लॉबी (ग्रुप)- कोपा कोजेका ने यूरोपीय आयोग से चावल के लिए एक सुरक्षात्मक प्रणाली (सेफगार्ड मैकेनिज्म) लागू करने के लिए कहा है ताकि धान-चावल उत्पादकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और उसकी आजीविका पर कोई खतरा न उत्पन्न हो। 

कोपा कोजेका द्वारा पिछले सप्ताह जारी किए गए एफ बयान में कहा गया है कि यूरोपीय संघ ने अपने घरेलू बाजार में अन्य देशों से चावल के लिए प्रिफेरेंशियल पहुंच की स्वीकृति प्रदान की है जिससे यूरोपीय संघ (ईयू) का चावल बाजार अस्थिर हो जाएगा) अन्य देशों से सस्ते चावल का विशाल आयात होने पर स्थानीय किसानों को उचित एवं लाभप्रद दाम पर अपना उत्पाद बेचने में भारी कठिनाई होगी।

बयान में आगे कहा गया है कि म्यांमार कम्बोडिया, थाईलैंड एवं भारत जैसे देशों को यूरोपीय संघ के बाजारों में अपना चावल भेजने के लिए प्रिफेरेंशियल पहुंच की सुविधा प्रदान की गई है।

भारत और थाईलैंड दुनिया के दो सबसे प्रमुख  चावल निर्यातक देश है। म्यांमार एवं कम्बोडिया से भी अच्छी मात्रा में चावल का निर्यात होता है। इन देशों से चावल का आयात तेजी से बढ़ने पर यूरोपीय संघ के बाजारों में सस्ते माल की आपूर्ति एवं उपलब्धता काफी बढ़ जाएगी और स्थानीय उत्पादकों पर दबाव लगातार बरकरार रहेगा।

इससे ग्रामीण क्षेत्र की अर्थ व्यवस्था प्रभावित होगी, रोजगार के अवसर घटेंगे और उच्च क्वालिटी के खाद्यान्न (चावल) का उत्पादन प्रभावित होगा। किसान धान की खेती छोड़कर अन्य फसलों की तरफ आकर्षित हो सकते हैं।