यूरेशियन व्यापार संधि के तहत इंडोनेशिया पाम तेल टैरिफ घटने की संभावना

29-Dec-2025 03:58 PM

जकार्ता। इंडोनेशिया द्वारा हाल ही में यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन (ईएईयू) के साथ एक मुक्त व्यापार समझौता पर हस्ताक्षर किया गया है।

इस संधि के साथ इंडोनेशिया और यूरेशिया के अनेक देश- रूस, आर्मेनिया वेल्स रूस, कजाकिस्तान और किर्गिजिस्तान एक साथ एक मंच पर आ गए हैं। इससे दोनों पक्षों को फायदा होने की उम्मीद है। 

इंडोनेशिया दुनिया में पाम तेल का सबसे बड़ा उत्पादक एवं निर्यातक देश है। उसके विदेश व्यापार मंत्री का कहना है कि इस नई संधि से यूरेशियन ब्लॉक के देशों में इंडोनेशिया पाम तेल के आयात पर सीमा शुल्क की दर घटकर शून्य प्रतिशत के आसपास रह जाएगी जिससे वहां इस महत्वपूर्ण वनस्पति तेल का निर्यात बढ़ाने में अच्छी सहायता मिलेगी। 

ध्यान देने की बात है कि यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन में रूस सबसे बड़ी अर्थ व्यवस्था वाला देश है जहां से गेहूं, मक्का, जौ एवं सूरजमुखी तेल सहित कई अन्य खाद्य एवं कृषि उत्पादों का निर्यात बड़े पैमाने पर होता है।

रूस दुनिया में गेहूं का सबसे प्रमुख निर्यातक देश हैं जबकि इंडोनेशिया गेहूं के शीर्ष खरीदारों में शामिल है। कजाकिस्तान से भी कृषि उत्पादों का भारी निर्यात हो रहा है। 

इंडोनेशिया के विदेशी व्यापार मंत्री के अनुसार इस संधि के कारण लगभग सभी उत्पादों पर सीमा शुल्क घटकर शून्य प्रतिशत के करीब आ जाएगा जिसमें इंडोनेशियाई पाम तेल भी शामिल है। वैसे अभी सीमा शुल्क में कटौती के वास्तविक स्तर का खुलासा नहीं किया गया है।

इस समझौते से इंडोनेशिया के वस्त्र उद्योग एवं फुटवेयर निर्माताओं को अपना कारोबार बढ़ाने का शानदार अवसर प्राप्त होगा। व्यापार मंत्री के अनुसार वर्ष 2024 में इस ब्लॉक के साथ इंडोनेशिया का कुल कारोबार।

करीब 4.50 अरब डॉलर का रहा था जबकि संधि के बाद यह बढ़कर दोगुना हो सकता है। इस संधि से ब्लॉक के अन्य निकटवर्ती देशों- यूक्रेन एवं ताजिकिस्तान का बाजार भी खुल सकता है।