10 लाख टन के निर्यात की अनुमति से चीनी का घरेलू बाजार भाव मजबूत

11-Feb-2025 01:40 PM

नई दिल्ली । केन्द्र सरकार द्वारा 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के लिए 10 लाख टन चीनी के निर्यात की स्वीकृति दिए जाने के बाद घरेलू प्रभाग में इस मीठी वस्तु की कीमतों में नरमी को ब्रेक लग गया और बाजार काफी हद तक मजबूत हो गया है।

लेकिन एथनॉल के खरीद मूल्य में इजाफा नहीं होने से उद्योग की चिंता बरकरार है। हालांकि सरकार ने सी-हैवी शीरा से निर्मित एथनॉल के मूल्य में थोड़ी बढ़ोत्तरी कर दी है लेकिन बी- हैवी शीरा, गन्ना जूस एवं सीरप तथा खाद्यान्न से उत्पादित एथनॉल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है और इसे पिछले स्तर पर ही बरकरार रखा गया है। 

2023-24 के मार्केटिंग सीजन के दौरान सरकार ने एथनॉल के निर्माण में गन्ना का उपयोग सीमित कर दिया था जिससे डिस्टीलरीज वाले अधिकांश चीनी प्लांटों की सकल आमदनी में 2022-23 के मुकाबले कमी आ गई थी।

अब 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन के लिए एथनॉल उत्पादन में गन्ना के नियंत्रण मुक्त उपयोग की अनुमति दी गई है जिससे चीनी मिलों की आय सुधरने की उम्मीद है।

चीनी का एक्स फैक्टरी मूल्य भी ऊंचा हो गया है और निकट भविष्य में इसमें ज्यादा गिरावट आने की संभावना नहीं है। इससे चीनी मिलों को गन्ना उत्पादकों के बकाए का सही समय पर भुगतान सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।

लेकिन 2023-24 सीजन की तुलना में 2024-25 सीजन के दौरान चीनी के घरेलू उत्पादन में 45-50 लाख टन की जोरदार गिरावट आने की संभावना व्यक्त की जा रही है जिससे मिलों की कुल आमदनी प्रभावित हो सकती है। 

उद्योग - व्यापार संगठनों ने चीनी का घरेलू उत्पादन घटकर 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में 265 से 272 लाख टन के बीच सिमट जाने का अनुमान लगाया है जो 2023-24 सीजन के उत्पादन 319-320 लाख टन से काफी कम है।

उद्योग समीक्षकों के अनुसार चालू मार्केटिंग सीजन के दौरान चीनी की मांग एवं आपूर्ति के बीच समीकरण ज्यादा जटिल नहीं रहेगा क्योंकि इसका भारी-भरकम पिछला बकाया स्टॉक मौजूद है लेकिन अगले सीजन में कुछ कठिनाई हो सकती है।