20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण के लक्ष्य से किसानों को भी होगा भारी फायदा
02-Dec-2024 12:31 PM
नई दिल्ली । केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री ने कहा है कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल के मिश्रण का लक्ष्य हासिल होने पर किसानों के लिए 35,000 करोड़ रुपए से अधिक राशि का सृजन हो सकेगा।
पहले यह लक्ष्य वर्ष 2030 तक हासिल किया जाना था मगर सरकार ने इसकी समय सीमा अब आगे करते हुए 2025-26 तक नियत कर दिया है। एथनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम (ईबीपी) पहले ही अच्छे मुकाम को हासिल कर चुका है।
वर्ष 2022-23 के मार्केटिंग सीजन में यह 12.06 प्रतिशत रहा था जो 2023-24 के सीजन में बढ़कर 14.6 प्रतिशत पर पहुंच गया। इससे पहले 10 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण का लक्षय जून 2022 में ही प्राप्त हो गया था जो 2021-22 का मार्केटिंग सीजन बीतने से 5 माह पूर्व ही था।
पिछले एक दशक के दौरान एथनॉल मिश्रण कार्यक्रम से जहां एक ओर चीनी उद्योग को अधिशेष स्टॉक घटाने में सहायता मिली है वहीं दूसरी तरफ गन्ना किसानों को भी 92,409 करोड़ रुपए का भुगतान हासिल करने का अवसर प्राप्त हुआ है। इससे उसकी आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है।
भारत में एथनॉल का उत्पादन गन्ना (गन्ना जूस, शुगर सीरप, बी हैवी शीरा तथा सी हैवी शीरा) तथा अनाज (मुख्यत: मक्का एवं चावल) से होता है। एथनॉल मिश्रण कार्यक्रम से गन्ना उत्पादकों को तो शानदार फायदा हो ही रहा है साथ-साथ देश को आर्थिक एवं पर्यावरणीय लाभ भी मिल रहा है।
इस कार्यक्रम की वजह से सितम्बर 2024 तक देश को 1,08,655 करोड़ रुपए मूल्य की विदेशी मुद्रा की बचत करने में भी सफलता प्राप्त हुई है।
इस अवधि में 185 लाख टन क्रूड खनिज तेल का आयात घटाया गया और 557 लाख टन कार्बन डाय ऑक्साइड का कम उत्सर्जन हुआ।
एथनॉल मिश्रण के लक्ष्य को समर्थन देने के लिए सरकार ने अनेक उपाय लागू किए हैं जिसमें एथनॉल निर्माण के लिए कच्चे माल के स्रोत का विस्तार करना, गन्ना आधारित एथनॉल के लिए कीमतों का निर्धारण करना,
मिश्रण के लिए एथनॉल पर जीएसटी की दर को घटाकर 5 प्रतिशत नियत करना तथा वर्ष 2018 से 2022 के बीच एथनॉल इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम क्रियान्वित करना भी शामिल है।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) द्वारा चीनी उद्योग के साथ एथनॉल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए दीघकालीन करार किए गए हैं।
