2023-24 में दलहनों का आयात बढ़कर 45.40 लाख टन पर पहुंचा
28-May-2024 03:23 PM
मुम्बई । वित्त वर्ष 2023-24 की सम्पूर्ण अवधि (अप्रैल-मार्च) के दौरान देश में दलहनों का कुल आयात बढ़कर 45.40 लाख टन की ऊंचाई पर पहुंच गया जिस पर 3.75 अरब डॉलर की विशाल धनराशि खर्च हुई।
यह पिछले साल वर्षों का सबसे बड़ा आंकड़ा है। दलहनों का आयात 2022-23 में 23.70 लाख टन एवं 2021-22 में 25.20 लाख टन रहने के बाद 2023-24 में अचानक तेजी से बढ़ गया।
भारत में 2016-17 वित्त वर्ष के दौरान दलहनों का कुल आयात उछलकर 63.60 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंचा था जबकि इसकी मात्रा 2015-16 में 55.80 लाख टन तथा 2017-18 में 54.10 लाख टन दर्ज की गई थी।
इसका आयात खर्च भी 2016-17 के वित्त वर्ष में उछलकर 4.24 अरब डॉलर के नए रिकॉर्ड स्तर स्तर पर पहुंचा था जबकि 2015-16 में 3.90 अरब डॉलर रहा था।
हालांकि देश में दलहनों का उत्पादन 2015-16 से लेकर 2021-22 सीजन बीच 163.20 लाख टन से उछलकर 273 लाख टन के शीर्ष स्तर पर पहुंचा लेकिन घरेलू मांग एवं खपत में इससे ज्यादा बढ़ोत्तरी होने के कारण विदेशों से इसके आयात की आवश्यकता बनी रही।
यह स्थिति तब है जब मूंग एवं मटर का आयात लम्बे समय तक बंद रहा और चना का आयात भी सीमित मात्रा में किया गया। अब मूंग का आयात बंद है मगर पीली मटर एवं देसी चना का शुल्क मुक्त आयात 31 अक्टूबर 2024 तक करने की अनुमति दी गई है।
दरअसल दलहनों का घरेलू उत्पादन घटकर 2022-23 में 260.60 लाख टन रह गया और 2023-24 में गिरकर 234.40 लाख टन पर सिमटने का अनुमान है। यदि 2024-25 में उत्पादन तेजी से नहीं बढ़ा तो दलहनों के आयात में कमी आना मुश्किल हो जाएगा।
