आईएमडी द्वारा मार्च में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी का अनुमान
28-Feb-2025 04:48 PM
नई दिल्ली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मार्च 2025 के दौरान देश के विभिन्न भागों में तापमान काफी ऊंचा रहने एवं भयंकर गर्मी पड़ने की चेतावनी देते हुए कहा है कि मार्च का महीना इस बार असाधारण गर्म साबित हो सकता है।
मार्च के अधिकांश दिनों के दौरान दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी सामान्य स्तर से काफी ऊंचा रहने की संभावना है। रबीकालीन फसलों के लिए यह उपयुक्त नहीं है।
मौसम विभाग के वरिष्ठ आधिकारिक सूत्रों के अनुसार मार्च की भयंकर गर्मी गेहूं, चना, सरसों एवं मसूर सहित अन्य रबी फसलों के लिए अनुकूल नहीं होगी और ऊंचे तापमान तथा वर्षा के अभाव के कारण इसके विकास में बाधा पड़ सकती है।
ऐसा प्रतीत होता है कि इस वर्ष मार्च का महीना अब तक के सबसे गर्म माह में से एक हो सकता है। मार्च के दूसरा सप्ताह से धूप और गर्मी का प्रकोप बढ़ना शुरू हो सकता है जो माह के अंत तक बरकरार रहने की आशंका है। इससे रबी फसलों की उपज दर एवं क्वालिटी प्रभावित होने की संभावना बढ़ जाएगी।
रबी फसलें अपनी प्रगति के अंतिम चरण की ओर बढ़ रही हैं और उसके समुचित विकास के लिए मार्च का मौसम अनुकूल होना अत्यन्त आवश्यक है।
जिन इलाकों में गेहूं की फसल परिपक्व होने के चरण में पहुंच गई है वहां भी उसे बढ़ती गर्मी से खतरा हो सकता है। तेज धूप एवं भयंकर गर्मी की वजह से दाने छोटे रह जाएंगे और नियत समय से पहले ही पक सकते हैं।
कुछ राज्यों में मार्च के अंत तक दिन का तापमान बढ़कर 40 डिग्री सेल्सियस (104 डिग्री फारेनहाइट) को भी पार कर जाने की संभावना है।
इतनी भयंकर गर्मी को झेलना रबी फसलों के लिए आसान नहीं होगा। गेहूं, चना और सरसों की फसल पर नजर रखना आवश्यक है।
सरकार ने इस बार 1150 लाख टन गेहूं के रिकॉर्ड उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है जो 2023-24 सीजन के अंतिम समीक्षित उत्पादन अनुमान 1133 लाख टन से करीब 17 लाख टन ज्यादा है।
उद्योग-व्यापार समीक्षकों ने 2023-24 के सीजन में 1020-1040 लाख टन के बीच गेहूं का उत्पादन आंका था। इस वर्ष यदि मार्च-अप्रैल का महीना जरूरत से ज्यादा गर्म रहा तो बिजाई क्षेत्र में बढ़ोत्तरी के बावजूद गेहूं उत्पादन में इजाफा होना मुश्किल हो जाएगा।
