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आपूर्ति की जटिलता से चावल का निर्यात ऑफर मूल्य तेज

11-Sep-2026 12:07 PM

आपूर्ति की जटिलता से चावल का निर्यात ऑफर मूल्य तेज

हैदराबाद। आपूर्ती एवं उपलब्धता की स्थिति कुछ जटिल होने तथा आयातक देशों की मांग मजबूत रहने से चावल का निर्यात ऑफर मूल्य बढ़कर पिछले करीब एक साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। खरीफ कालीन धान के क्षेत्रफल में 16 लाख हेक्टेयर से अधिक की गिरावट आने तथा अल नीनो के प्रभाव से मानसून का प्रदर्शन कमजोर रहने से चावल के उत्पादन में गिरावट की आशंका बढ़ रही है। 

व्यापार विश्लेषकों के अनुसार वर्षा की कमी को देखते हुए चावल के उत्पादन का अनुमान घटाया जा रहा है। अगस्त में सामान्य औसत से 13 प्रतिशत कम बारिश हुई। सितम्बर में भी मानसूनी वर्षा कम होने की संभावना है। अभी तक वर्षा की कमी 16 प्रतिशत पर पहुंच चुकी है। 

चालू सप्ताह के दौरान 5 प्रतिशत टूटे भारतीय गैर बासमती सेला कच्चा (सफेद) चावल का निर्यात ऑफर मूल्य सुधरकर 368-373 डॉलर प्रति टन हो गया।  

दूसरी ओर वितयनाम के 5 प्रतिशत टूटे चावल का निर्यात ऑफर मूल्य 440-445 डॉलर प्रति टन पर स्थिर रहा। वहां ग्रीष्म-पतझड़ कालीन धान की कटाई लगभग समाप्त हो चुकी है और चावल की आपूर्ति की गति धीमी पड़ने लगी है। वैसे वियतनामी चावल की मांग भी घट रही है। हालांकि फिलीपींस में चावल का आयात बढ़ रहा है मगर उसके आयातक वियतनाम के साथ-साथ अन्य देशों से भी इसे मंगा रहे हैं। चालू वर्ष की पूरी अवधि में वियतनाम से करीब 77.40 लाख टन चावल का निर्यात होने का अनुमान है। 

बांग्ला देश में चावल का भाव ऊंचा है जिसे नीचे करने के लिए सरकार को कठिन संघर्ष करना पड़ रहा है। सरकार ने सुगंधित चावल के निर्यात कोटे में 50 प्रतिशत की कटौती कर दी है। इस चावल के 45,270 टन के निर्यात की स्वीकृति दी गई थी मगर 30 अगस्त तक केवल 2419 टन का शिपमेंट हो सका। थाईलैंड के 5 प्रतिशत टूटे चावल का निर्यात ऑफर मूल्य गत सप्ताह के 483-485 डॉलर प्रति टन से बढ़कर अब 488 डॉलर प्रति टन हो गया है।