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03-Nov-2026 07:40 PM
विशाखपट्नम। अर्नब के बाद अब मुरासु समुद्री चक्रवाती तूफान से आंध्र प्रदेश में विभिन्न फसलों को भारी नुकसान होने की सूचना मिल रही है। उल्लेखनीय है कि अर्नब तूफान ने आंध्र प्रदेश को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया था। उसका आंकलन समाप्त होने से पूर्व ही यह दूसरी आफत आ गई। मोटे अनुमान के अनुसार मुरासु तूफान से आंध्र प्रदेश में 15 जिलों के 132 मंडल बुरी तरह प्रभावित हुए। हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी और कृषि एवं बागवानी फसलों को क्षति हुई।
मुरासु तूफान से राज्य के 15 जिलों में 30 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि में खड़ी फसलें या तो बर्बाद या बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। तूफान से सर्वाधिक प्रभावित जिलों में कृष्णा, बापटला एवं नान्दयाल आदि शामिल हैं। इस तूफान से राज्य में धान, कपास एवं मक्का की फसल को सबसे ज्यादा क्षति होने की आशंका है।
आरम्भिक आंकलन में 30,661 हेक्टेयर में फसलों को क्षति होने की संभावना व्यक्त की गई है जबकि नुकसान का वास्तविक आंकड़ा फील्ड सर्वेक्षण के बाद ही सामने आ सकेगा। 2 नवम्बर की रात 11.30 बजे नेल्लोर तथा नरमापुर के बीच यह तूफान आंध्र प्रदेश के तटवर्ती क्षेत्र में पहुंचा और फिर तांडव मचाना शुरू कर दिया।
मुरासु तूफान का असर तेलंगाना, उड़ीसा एवं छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों पर भी पड़ने की खबर है जो धान के अग्रणी उत्पादक प्रांतों में सम्मिलित है।