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03-Nov-2026 06:02 PM
इंदौर। खरीफ कालीन नई फसल की आवक जारी रहने, दाल मिलों की मांग कमजोर पड़ने तथा म्यांमार एवं ब्राजील से आयात बढ़ने की संभावना को देखते हुए एक अग्रणी व्यापारिक संस्था- इंडिया पल्सेस एन्ड ग्रेन्स एसोसिएशन (आईपीजीए) ने निकट भविष्य में तुवर का घरेलू बाजार भाव कुछ नरम रहने की संभावना व्यक्त की है लेकिन अगर आपूर्तिकर्ता देशों- म्यांमार एवं ब्राजील में भाव तेज होने से आयात महंगा हुआ तो उड़द की कीमतों में मजबूती भी आ सकती है। उड़द दाल की मांग कमजोर पड़ने के संकेत मिल रहे हैं।
रिसेल में दाम घटाकर कारोबार होने के कारण विदेशों से आयातित उड़द की कीमतों पर कुछ दबाव देखा जा रहा है। निर्यातक देशों में उड़द का भाव अभी ज्यादा ऊंचा एवं तेज नहीं है। इसके चलते भारत में नियमित रूप से इसका अच्छा आयात हो रहा है। दालों की मांग कमजोर होने से मिलर्स द्वारा सीमित मात्रा में साबुत उड़द की खरीद की जा रही है। लगातार तीसरे सप्ताह म्यांमार से आयातित एफएक्यू उड़द और साथ ही ब्राजील से भी आयातित उड़द के दाम में नरमी दर्ज की गई।
लेकिन म्यांमार के स्पेशल क्वालिटी (एसक्यू) उड़द का भाव मजबूत बना हुआ है क्योंकि इसकी अच्छी खरीद हो रही है। इसके कुछ पुराने सौदे भी निपटाए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में सहारनपुर की गंगोश मंडी में पिछले दिन करीब 20 हजार बोरी (50 किलो की प्रत्येक बोरी) उड़द की आवक हुई और इसका दाम 8100-8200 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। इसकी दिल्ली डिलीवरी का भाव 8500-8600 रुपए प्रति क्विंटल रहा चंदौसी में उड़द फसल की हालत गत वर्ष से बेहतर बताई जा रही है।