आयात शुल्क में छूट समाप्त होने के बाद कपास का भाव मजबूत

07-Jan-2026 11:08 AM

अहमदाबाद। केन्द्र सरकार द्वारा रूई के आयात पर लगे 11 प्रतिशत के सीमा शुल्क से छूट की अवधि को 31 दिसम्बर 2025 से आगे बढ़ाने के लिए कोई अधिसूचना जारी नहीं किए जाने से शुल्क मुक्त आयात 1 जनवरी 2026 से स्वतः बंद हो गया।

इसके साथ ही घरेलू प्रभाग में कपास का भाव मजबूत होने लगा है। पिछले छह दिनों के अंदर कपास की कीमतों में 5 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। 

लेकिन कपास की कीमतों में आगे और तेजी आने की संभावना क्षीण पड़ती जा रही है क्योंकि भारतीय कॉटन यार्न के सबसे बड़े खरीदार- बांग्ला देश में यार्न के आयात पर सीमा शुल्क लगाने का प्लान बनाया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि बांग्ला देश के व्यापार एवं सीमा शुल्क आयोग की एक महत्वपूर्ण मीटिंग 5 जनवरी को आयोजित हुई थी जिसमें कॉटन यार्न के आयात पर 20 प्रतिशत का सीमा शुल्क लगाने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई लेकिन फिलहाल शुल्क लगाने की कोई आधिकारिक घोषणाा नहीं की गई है। 

कॉटन एसोसिएशन ऑफ, इंडिया (सीएआई) का कहना है कि अगर बांग्ला देश में कॉटन यार्न पर 20 प्रतिशत का आयात शुल्क लागू हो गया तो भारतीय यार्न बाजार पर दबाव बढ़ जाएगा। बांग्ला देश पिछले कुछ वर्षों से इसका सबसे बड़ा खरीदार बना हुआ है।

भारत से निर्यात होने वाले कॉटन यार्न की कुल मात्रा में से करीब 30 प्रतिशत भाग अकेले बांग्ला देश को भेजा जाता है। जब इसमें बाधा उत्पन्न होगी तब कपास की कीमतों पर भी दबाव पड़ने लगेगा।

इस बीच घरेलू बाजार में कपास के दाम में 400-500 रुपए प्रति क्विंटल का इजाफा हो गया है लेकिन फिर भी यह न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 8100 रुपए प्रति क्विंटल से नीचे ही है।