अफ्रीका, भारत एवं थाईलैंड में बेहतर उत्पादन की संभावना से चीनी का भाव नरम

13-Sep-2025 03:32 PM

मुम्बई। चीनी के वैश्विक बाजार मूल्य पर पिछले कुछ समय से दबाव बना हुआ है क्योंकि दुनिया के दो सबसे प्रमुख उत्पादक देश- ब्राजील एवं भारत में इसका बेहतर उत्पादन होने की उम्मीद है। इसके अलावा थाईलैंड में भी उत्पादन बढ़ने के आसार हैं जो चीनी का दूसरा सबसे प्रमुख निर्यातक देश है।

2025-26 के मार्केटिंग सीजन में चीनी की वैश्विक आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति काफी हद तक सुगम रहने की उम्मीद है। ब्राजील की मुद्रा के मजबूत होने से चीनी की वैश्विक कीमतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ने लगा है क्योंकि इससे आयातकों की मांग कमजोर पड़ गई है।

न्यूयार्क एक्सचेंज में अक्टूबर अनुबंध के लिए कच्ची चीनी (रॉ शुगर) का वायदा मूल्य 0.19 प्रतिशत गिरकर 15.68 सेंट प्रति पौंड तथा लंदन एक्सचेंज में सफेद चीनी (व्हाईट शुगर) का वायदा भाव 0.61 प्रतिशत घटकर 491.20 डॉलर प्रति टन पर आ गया।

चालू सप्ताह के दौरान चीनी के बाजार में काफी उथल-पुथल देखा गया और न्यूयार्क एक्सचेंज में इसका दाम घटकर पिछले सवा चार साल के निचले स्तर पर आ गया। इससे बाजार में आपूर्ति पक्ष की मजबूती का स्पष्ट संकेत मिलता है। 

भारत में चीनी उद्योग की शीर्ष संस्था- इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) द्वारा 2025-26 के मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के लिए चीनी के आरंभिक उत्पादन अनुमान को 349 लाख टन के ऊंचे स्तर पर बरकरार रखे जाने से वैश्विक बाजार भाव पर दबाव बढ़ गया।

इस्मा ने 2025-26 के मार्केटिंग सीजन में सरकार से 20 लाख टन चीनी के निर्यात की स्वीकृति देने का आग्रह किया है। यदि सरकार ने इसे स्वीकार कर लिया तो आगे भी चीनी के वैश्विक बाजार मूल्य में तेजी आने की संभावना क्षीण पड़ सकती है। 

इस्मा का कहना है कि मानसून की अच्छी वर्षा से इस बार गन्ना एवं चीनी के घरेलू उत्पादन में भारी बढ़ोत्तरी हो सकती है जबकि 2024-25 के सीजन में उत्पादन काफी घट गया था। 

ब्राजील में गत वर्ष के मुकाबले चालू मार्केटिंग सीजन में चीनी का उत्पादन 4.7 प्रतिशत पीछे चल रहा है मगर अब मिलर्स ने एथनॉल के बजाए चीनी के निर्माण में गन्ना की अधिक मात्रा का उपयोग शुरू कर दिया है।

1-15 अगस्त के दौरान ब्राजील के मध्य दक्षिणी क्षेत्र में 55 प्रतिशत गन्ना का इस्तेमाल चीनी के उत्पादन में तथा 45 प्रतिशत का उपयोग एथनॉल के निर्माण में किया गया।