अगले सीजन में 349 लाख टन चीनी के उत्पादन का प्राथमिक अनुमान

11-Sep-2025 09:03 PM

नई दिल्ली। प्राइवेट चीनी मिलों की शीर्ष संस्था- इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) ने 31 जुलाई 2025 की अपनी रिपोर्ट में 2025-26 के मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान देश में चीनी का सकल उत्पादन (एथनॉल निर्माण में उपयोग से पूर्व) 349 लाख टन होने का आरंभिक अनुमान लगाया था

और अब सितम्बर की रिपोर्ट में भी इस अनुमान को बरकरार रखा है। इस्मा द्वारा अक्टूबर 2025 में फसल की हालत का विवरण जारी किया जाएगा और अक्टूबर-नवम्बर 2025 में चीनी के घरेलू उत्पादन का पहला अग्रिम उत्पादन अनुमान घोषित किया जाएगा। 

गन्ना की फसल के बारे में इस्मा का अनुमान उपग्रह से प्राप्त चित्र तथा फील्ड स्टॉफ की रिपोर्ट पर आधारित होता है। 31 जुलाई वाले अनुमान के लिए जून के तीसरे सप्ताह के दौरान प्राप्त चित्र का उपयोग किया गया

जबकि नए अनुमान के लिए सितम्बर के प्रथम सप्ताह महाराष्ट्र एवं कर्नाटक के लिए खरीदे गए उपग्रहीय चित्र का इस्तेमाल किया गया। आरंभिक अनुमान महज मार्ग दर्शन के लिए लगाया जाता है।

महाराष्ट्र और कर्नाटक के बारे में इस्मा का कहना है कि मानसून की हालत अनुकूल रहने, प्रमुख  उत्पादक इलाकों में पर्याप्त वर्षा होने तथा मौसम सामान्य रहने से गन्ना की फसल का बेहतर ढंग से विकास सुनिश्चित हुआ है।

यदि आगामी समय स्थिति अनुकूल बनी रही तो फसल का विकास और भी बेहतर ढंग से हो सकता है। बांधों-जलाशयों में पानी का स्तर गत वर्ष से काफी ऊंचा है। 

उत्तर प्रदेश में भी गन्ना फसल की हालत पिछले साल से काफी अच्छी है। चीनी मिलों द्वारा गन्ना विकास के लिए ठोस उपाय किए गए हैं और सही समय पर अच्छी वैरायटी की फसल लगाई गई।

राज्य में इस बार गन्ना की फसल पर कीड़ों-रोगों का प्रकोप बहुत कम देखा जा रहा है जिससे अच्छा उत्पादन होने की उम्मीद है। तमिलनाडु में गन्ना की फसल अच्छी हालत में है इसलिए गन्ना का औसत उपज दर तथा चीनी की रिकवरी दर पूर्व अनुमान से ऊंची रहने की उम्मीद है। 

दूसरी ओर पंजाब, हरियाणा एवं उत्तराखंड जैसे बाढ़ प्रभावित राज्यों के साथ-साथ कुछ अन्य प्रांतों में गन्ना की फसल को थोड़ा नुकसान पहुंचने की संभावना है। गुजरात, बिहार, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना जैसे राज्यों में फसल की हालत सामान्य बनी हुई है।

कुल मिलाकर महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश एवं तमिलनाडु में फसल की हालत बेहतर होने तथा बाढ़ ग्रस्त राज्यों में कमजोर रहने से 2025-26 के मार्केटिंग सीजन में चीनी के कुल घरेलू उत्पादन अनुमान में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।