अगले सीजन में चीनी क्षेत्र का समीकरण जटिल रहने की संभावना

12-Jun-2026 05:42 PM

नई दिल्ली। गन्ना का बिजाई क्षेत्र इस वर्ष अभी तक पिछले साल के लगभग समतुल्य चल रहा है और आगे भी इसमें ज्यादा परिवर्तन होने की उम्मीद नहीं है। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 2025-26 के सीजन में 50 करोड़ टन गन्ना का घरेलू उत्पादन होने का अनुमान लगाया है और 2026-27 सीजन के लिए इतने ही उत्पादन का लक्ष्य भी नियत किया है। लेकिन अल नीनो और कमजोर मानसून की संभावना को देखते हुए गन्ना का उत्पादन नियत लक्ष्य तक पहुंचने में संदेह है। 

2025-26 के मार्केटिंग सीजन की पहली छमाही के लिए केन्द्र सरकार ने 133 लाख टन चीनी की बिक्री का कोटा आवंटित किया जबकि मिलों से हुई निकासी से पता चलता है कि इसकी कुल खपत बढ़कर 144 लाख टन पर पहुंच गई। इससे संकेत मिलता है कि चालू मार्केटिंग सीजन की सम्पूर्ण अवधि में चीनी की कुल घरेलू खपत 285-290 लाख टन तक पहुंच सकती है।

दूसरी ओर 2025-26 के मौजूदा सीजन में चीनी का उत्पादन 280 लाख टन से कम होने की संभावना है। 2026-27 के सीजन में उत्पादन और भी घट सकता है। 2025-26 सीजन के आरंभ में स्वदेशी उद्योग के पास 49 लाख टन चीनी का बकाया अधिशेष स्टॉक मौजूद था जबकि सीजन के अंत में यह घटकर 35-40 लाख टन पर अटक सकता है। 

जून 2026 के प्रथम सप्ताह तक राष्ट्रीय स्तर पर गन्ना का कुल बिजाई क्षेत्र 54.10 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया जो पिछले साल की इसी अवधि के क्षेत्रफल 54.30 लाख हेक्टेयर से कुछ कम रहा। शीर्ष उत्पादक राज्य- उत्तर प्रदेश में रकबा 28 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया जो गत वर्ष के बराबर ही था।

महाराष्ट्र में यह कुछ सुधरकर 11.80 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा मगर कर्नाटक में थोड़ा घटकर 4.30 लाख हेक्टेयर रह गया। कुल बिजाई क्षेत्र में आगे 3-4 लाख हेक्टेयर का और सुधार आ सकता है।

अगले मार्केटिंग सीजन में बकाया स्टॉक कम रहने तथा उत्पादन प्रभावित होने पर चीनी की कुल उपलब्धता में गिरावट आ सकती है जिससे इसकी मांग एवं आपूर्ति का समीकरण काफी जटिल रहने की आशंका है। उत्तर प्रदेश और बिहार में गन्ना का उत्पादन काफी हद तक मानसूनी वर्षा पर निर्भर रहेगा।