पश्चिम एशिया में संकट गंभीर होने से कंटेनरों का किराया बढ़ा
12-Jun-2026 05:45 PM
कांडला। पश्चिम एशिया में अमरीका और इजरायल के साथ ईरान का युद्ध पुनः शुरू हो जाने से न केवल वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा होने का खतरा बढ़ गया है बल्कि कंटेनर शिपिंग का खर्च भी लगभग दोगुना बढ़ गया है। होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से जहाजों की आवाजाही ठप्प पड़ने लगी है और शिपिंग कंपनियां उधर अपना जहाज भेजने से कतराने लगी हैं।
जानकारों के अनुसार एशिया से अमरीका को भेजे जाने वाले कंटेनरों के किराया-भाड़ा में जबरदस्त बढ़ोत्तरी हो गई है क्योंकि एक तो ईंधन का खर्च बढ़ गया है और दूसरे, आयातकों की मांग तेज हो गई है। आयातकों को डर है कि आगामी समय में किराया भाड़ा और बढ़ सकता है इसलिए वे इसके आयात में जल्दबाजी दिखा रहे हैं।
अमरीका भारत का प्रमुख व्यापारिक साझीदार है और वहां कंटेनरों के किराया भाड़ा में होने वाला इजाफा काफी हानिकारक साबित हो सकता है। अन्य एशियाई देश भी इससे प्रभावित होंगे। अमरीका-ईरान के बीच युद्ध अगर ज्यादा दिनों तक जारी रहा तो अनेक कृषि एवं खाद्य उत्पादों के वैश्विक बाजार मूल्य में तेजी मजबूती का माहौल बन सकता है।
