अगस्त में पाम तेल का आयात 9.93 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान
09-Sep-2025 05:16 PM
मुम्बई। हालांकि एक अग्रणी उद्योग संस्था- सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) की मासिक रिपोर्ट मध्य सितम्बर में सामने आने की संभावना है जिसमें अगस्त माह के दौरान भारत में हुए खाद्य तेलों के आयात का विस्तृत विवरण दिया जाएगा लेकिन उससे पूर्व उद्योग-व्यापार समीक्षकों द्वारा जो अनुमान व्यक्त किया गया है
उससे पता चलता है कि अगस्त 2025 में पाम तेल का आयात 16 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी के साथ 9.93 लाख टन पर पहुंच गया जो पिछले 13 माह का सबसे ऊंचा स्तर है। विश्लेषकों के अनुसार पीक त्यौहारी सीजन को देखते हुए भारतीय रिफाइनर्स द्वारा क्रूड पाम तेल का भारी आयात किया गया।
एक अग्रणी विश्लेषक के अनुसार सोयाबीन तेल एवं सूरजमुखी तेल जैसे प्रतिद्वंदी खाद्य तेलों की तुलना में पाम तेल का भाव प्रतिस्पर्धी (नीचे) रहने से भारतीय खरीदारों को इसका आयात बढ़ाने का अच्छा प्रोत्साहन मिल गया।
वैसे भी भारत में अगस्त से अक्टूबर के दौरान पाम तेल सहित अन्य खाद्य तेलों का विशाल आयात होता रहा है। त्यौहारी सीजन के दौरान भारत में खाद्य तेलों की मांग एवं खपत बढ़ जाती है और कीमत भी मजबूत बनी रहती है।
भारत संसार में खाद्य तेलों का सबसे प्रमुख आयातक देश है। समीक्षकों के अनुसार देश में अगस्त माह के दौरान जुलाई 2024 के बाद पाम तेल का सर्वाधिक आयात हुआ। सितम्बर में भी इसका विशाल आयात होने की उम्मीद है क्योंकि सोया और सूरजमुखी तेल का भाव अपेक्षाकृत ऊंचे स्तर पर है।
उद्योग-व्यापार समीक्षकों के मुताबिक अगस्त में एक तरफ पाम तेल के आयात में जोरदार बढ़ोत्तरी हुई तो दूसरी ओर सोयाबीन तेल का आयात जुलाई की तुलना में करीब 28 प्रतिशत घटकर करीब 3.55 लाख टन पर सिमट जाने का अनुमान है
जबकि सूरजमुखी तेल का आयात 27 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2.55 लाख टन पर पहुंचने के आसार हैं जो गत माह का सबसे ऊंचा स्तर है। इसके अलावा देश में अगस्त माह के दौरान 6000 टन रेपसीड-कैनोला तेल का भी आयात किया गया।
कुल मिलाकर देश में जुलाई माह के मुकाबले अगस्त में खाद्य तेलों का सकल आयात 3.6 प्रतिशत बढ़कर 16 लाख टन के आसपास पहुंच जाने का अनुमान लगाया जा रहा है।
