अमरीका चीन में व्यापार कुछ पिछड़ने पर सोयाबीन का बाजार होगा प्रभावित

24-Dec-2024 06:24 PM

शिकागो । अमरीका और चीन के बीच व्यापारिक विवाद आरंभ होने पर वर्ष 2025 के दौरान सोयाबीन का   वैश्विक कारोबार प्रभावित होने की संभावना है।

इससे खासकर अमरीकी सोयाबीन के निर्यात में 50 करोड़ बुशेल तक की भारी गिरावट आ सकती है जबकि वहां इसका बकाया अधिशेष स्टॉक बढ़कर 95.60 करोड़ बुशेल पर पहुंच सकता है।

उधर लैटिन अमरीकी देश- ब्राजील में इस महत्वपूर्ण तिलहन फसल का उत्पादन तेजी से बढ़कर सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया जा रहा है जिससे इसके फ्री ऑन बोर्ड निर्यात ऑफर मूल्य पर दबाव पड़ने की संभावना है।

अर्जेन्टीना में भी उत्पादन कुछ बढ़ने के आसार हैं जिससे विश्व स्तर पर सोया तेल एवं सोयामील की आपूर्ति एवं उपलब्धता में कुछ सुधार आ सकता है।

20 जनवरी 2025 को डोनाल्ड ट्रम्प अमरीका के राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे और उसके बाद चाइनीज सामानों पर आयात शुल्क में बढ़ोत्तरी करने का निर्णय लिया जा सकता है जिसका संकेत पहले ही दिया जा चुका है। इसके फलस्वरूप चीन भी अमरीका से सोयाबीन तथा मक्का का आयात घटा सकता है।

सोयाबीन आयात के लिए उसके पास ब्राजील का महत्वपूर्ण विकल्प मौजूद रहेगा। इससे कुछ समय तक ब्राजील के सोयाबीन का निर्यात ऑफर मूल्य अमरीकी सोयाबीन से ऊंचा रह सकता है।

लेकिन चूंकि वहां उत्पादन में जबरदस्त बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है इसलिए कीमतों में लम्बे समय तक तेजी-मजबूती का माहौल बरकरार रहना मुश्किल लगता है। धीरे-धीरे सोयाबीन का भाव सामान्य स्तर पर वापस लौट सकता है। 

अर्जेन्टीना में सोयाबीन का अप रीवर भाव वर्तमान समय में चाइनीज बाजार के लिए प्रतिस्पर्धी बना हुआ है और 2024-25 के मार्केटिंग सीजन में वहां से आमतौर पर निर्यात की गति तेज रहने की संभावना है।

रोजारियो बोर्ड ऑफ ट्रेड के एक अर्थ शास्त्री का कहना है कि ब्राजील में सोयाबीन की बिजाई अंततः विशाल क्षेत्रफल में पूरी हो गई जिससे अन्तर्रष्ट्रीय बाजार में इस तिलहन की कीमतों में मंदी की धारणा बनने लगी है।