अमरीका एवं चीन के बीच व्यापार वार्ता होने की संभावना से सोयाबीन का भाव तेज

16-Feb-2026 12:40 PM

शिकागो। अमरीका और चीन के राष्ट्रपति की एक मीटिंग होने वाली है जिसमें सोयाबीन की बिक्री के बारे में चर्चा की जाएगी। समझा जाता है कि अमरीकी राष्ट्रपति के ज्यादा दबाव डालने पर चीन सोयाबीन का आयात बढ़ाने पर सहमत हो सकता है।

इस उम्मीद के मनोवैज्ञानिक असर से शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड (सीबोट) में सोयाबीन का वायदा भाव उछलकर 12 नवम्बर- 2025 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। जानकार सूत्रों के अनुसार राष्ट्रपति के बीच होने वाली बैठक के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिवधियों के अगले कम से कम एक साल की अवधि तक बहाल करने पर सहमति बन सकती है। 

उल्लेखनीय है कि अमरीका और चीन के राष्ट्रपति के बीच पिछले साल भी बैठक हुई थी और उसमें अमरीकी सोयाबीन  के आयात-निर्यात पर सहमति बनी थी लेकिन इसका कोई सार्थक परिणाम सामने नहीं आया। चीन के खरीदारों ने अमरीका से सोयाबीन आयात के कुछ अनुबंध किए थे लेकिन इसकी डिलीवरी पर संशय बना रहा।

लैटिन अमरीकी देश- ब्राजील में इस बार सोयाबीन का उत्पादन तेजी से बढ़कर सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान है और वहां नई फसल की जोरदार कटाई-तैयारी तथा मंडियों में आवक भी शुरू हो चुकी है जिससे उसके निर्यात की रफ्तार काफी बढ़ गई है। लेकिन अमरीकी किसानों को उम्मीद है कि राष्ट्रपति की मीटिंग के बाद चीन अमरीका से सोयाबीन की खरीद कर सकता है। 

अमरीकी कृषि विभाग ने सोयाबीन के निर्यात के अनुमान में कोई बदलाव नहीं किया है जिससे संकेत मिलता है कि उसे चीन में इसके शिपमेंट में भारी इजाफा होने का भरोसा नहीं हैं। चीन की सोयाबीन मांग को ब्राजील पूरा करने में सक्षम है।

यदि अमरीका को वहां अपने उत्पाद का निर्यात बढ़ाना है तो अपने सोयाबीन के दाम को ब्राजील से कुछ नीचे रखना पड़ेगा। लेकिन इसके विपरीत हो रहा है। सोयाबीन का भाव ब्राजील में स्थिर मगर अमरीका में तेज हो गया है।