अमरीका में आयात शुल्क लगने की संभावना से कनाडा के काबुली चना का निर्यातक चिंतित
28-Feb-2025 07:35 PM
वैंकुवर। कनाडा से सड़क मार्ग के जरिए अमरीका को भारी मात्रा में काबुली चना का निर्यात होता रहा है मगर अब इसमें बाधा उत्पादन होने की आशंका है क्योंकि ट्रंप प्रशासन ने कनाडाई उत्पादों पर 25 प्रतिशत की दर से आयात शुल्क लगाने का प्लान बनाया है जो अगले महीने यानी मार्च से प्रभावी हो सकता है। यदि यह निर्णय लागू हो गया तो कनाडा का सीमा पार व्यापार काफी हद तक प्रभावित हो सकता है।
काबुली चना के निर्यातकों को पहले से ही अपने कारोबार के संचालन में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है जबकि अमरीका में लागू होने वाला आयात शुल्क मामले को और भी जटिल बना सकता है।
महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि कनाडा में अप्रैल से मटर और मसूर के साथ काबुली चना की बिजाई भी आरंभ होने वाली है और यदि उससे पूर्व अमरीका ने आयात शुल्क लगा दिया तो कनाडा में बिजाई पर असर पड़ सकता है। इधर भारत में भी पीली मटर पर आयात शुल्क लागू होने के प्रबल आसार हैं। मसूर का आयात भी यहां घट रहा है।
पश्चिमी कनाडा की मंडियों में 9 मि०मी० आकार के दाने वाले माल की कम से कम 30 प्रतिशत उपस्थिति वाले नम्बर 2 ग्रेड के काबुली चना का भाव 39 सेंट प्रति पौंड पर स्थिर बना हुआ है जबकि छोटे दाने वाले माल का दाम इससे 3-4 सेंट प्रति पौंड नीचे चल रहा है।
आगामी नई फसल की अग्रिम खरीद-बिक्री का अनुबंध अभी ठीक से शुरू नहीं हुआ है। लेकिन कहीं-कहीं इसका दाम 32 सेंट प्रति पौंड बताया जा रहा है।
काबुली चना की नई फसल की कटाई-तैयारी प्राय: अगस्त-सितम्बर में शुरू होती है। कनाडा, मैक्सिको, भारत, रूस एवं अर्जेन्टीना काबुली चना के अग्रणी उत्पादक एवं निर्यातक देश है।
अमरीका सहित कुछ अन्य देशों में भी इसका उत्पादन होता है। कनाडाई उत्पादकों एवं निर्यातकों का ध्यान अमरीका के निर्णय पर केन्द्रित हो गया है।
