अमरीकी टैरिफ के दबाव में रुपए की विनिमय दर में भारी गिरावट
17-Sep-2025 04:11 PM
मुम्बई। अमरीकी डॉलर के सापेक्ष भारतीय रुपए की विनिमय दर घटकर काफी नीचे आ गई है जिससे भारत से वाणिज्यिक वस्तुओं के निर्यात संवर्धन को मजबूत सहारा मिलेगा अगर विदेशों से आयात काफी महंगा हो जाएगा।
चालू सप्ताह के पहले दिन 1 डॉलर का मूल्य बढ़कर 88.30 रुपए पर पहुंच गया था। दरअसल अमरीका में भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत का भारी-भरकम आयात शुल्क लागू होने से वहां भारतीय सामानों के निर्यात के प्रति निवेशकों की धारणा में बदलाव आ गया।
विदेशी मुद्रा (फॉरैक्स) में काम करने वाले व्यापारियों का कहना है कि रुपया सीमित उतार चढ़ाव के साथ कारोबार में है। दरअसल मुद्रा बाजार कुछ चिंताओं तथा आशाओं के बीच जूझ रहा है।
एक तरफ अमरीकी व्यापार टैरिफ देश से विदेशी मुद्रा पोर्टफोलियों के बहिर्गमन की चिंता है तो दूसरी ओर अमरीका के संघीय बैंक- फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में कटौती किए जाने की उम्मीद भी है।
चूंकि अमरीका भारत का सबसे प्रमुख व्यापारिक साझीदार रहा है इसलिए वहां होने वाले नीतिगत परिवर्तनों का सीधा असर भारत पर पड़ना स्वाभाविक ही है।
उल्लेखनीय है कि गत 12 सितम्बर को भारतीय रुपया अपने सर्वकालीन न्यूनतम स्तर से वापसी करते हुए ऊपर बढ़ने लगा और अंततः 9 पैसे की मजबूती के साथ 88.26 के स्तर पर बंद हुआ।
15 सितम्बर को यह डॉलर के सापेक्ष इंटर बैंक फॉरैन एक्सचेंज मार्केट में 88.25 वे अंक पर खुला और गिरते हुए 88.30 के स्तर तक आया।
इस तरह पिछले सप्ताह के अंत की तुलना में चालू सप्ताह के आरंभ में 1 डॉलर की तुलना में भारतीय रुपया 4 पैसे की गिरावट के साथ 88.30 के स्तर पर बंद हुआ। अमरीका के साथ व्यापार वार्ता दोबारा शुरू होने की संभावना है।
