अमरीका टैरिफ से पंजाब के बासमती चावल एवं वस्त्र निर्यातकों पर असर

28-Aug-2025 10:58 AM

चंडीगढ़। अमरीका में भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत का आयात शुल्क लागू होने से पंजाब के निर्यातकों की गतिविधियों पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।

बासमती चावल, वस्त्र उत्पाद, ऑटो पार्ट्स एवं चर्म उत्पादों के निर्यातकों को अपना भविष्य अनिश्चित नजर आ रहा है। अमरीका में पंजाब से इन उत्पादों का निर्यात बड़े पैमाने पर होता रहा है जिस पर अब गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। 

यदि उपरोक्त उत्पादों का निर्यात अवरुद्ध हुआ और निर्यातकों को अपना कारोबार सामान्य स्तर पर रखने में सफलता नहीं मिली तो पंजाब में इसके उत्पादकों / निर्यातकों की वित्तीय समस्या बढ़ जाएगी और वहां उत्पादन में भी जोरदार गिरावट आ सकती है।

वस्त्र उद्योग की एक अग्रणी फर्म, जो अमरीका को 3000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य के उत्पादों का निर्यात करती है, फिलहाल सम्पूर्ण स्थिति का आंकलन विश्लेषण कर रही है।

कम्पनी के चेयरमैन का कहना है कि अमरीकी टैरिफ का उसके उत्पादों के निर्यात पर गहरा असर पड़ सकता है। दरअसल पंजाब के एमएसएमई श्रेणी के उद्यमियों को पहले से ही काफी कम मार्जिन पर कारोबार करना पड़ रहा है और वे 50 प्रतिशत का टैरिफ का भार उठाने में सक्षम नहीं हो पाएंगे। इसके फलस्वरूप अमरीका में इसके उत्पादों का निर्यात रुक जाएगा।

जहां तक बासमती चावल का सवाल है तो इसके निर्यातकों को भी अमरीका में अपना माल भेजने के लिए कठिन संघर्ष करना होगा क्योंकि मुख्य प्रतिद्वंदी आपूर्तिकर्ता देश- पाकिस्तान के उत्पाद पर काफी नीचे स्तर पर टैक्स लगाया गया है।

पंजाब राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता से बासमती चावल निर्यातकों के लिए संकट बढ़ गया है जबकि अमरीकी टैरिफ से भारतीय निर्यातकों की कठिनाई और भी बढ़ जाएगी।

भारत में अब भी करीब 5 लाख टन चावल का निर्यात योग्य स्टॉक मौजूद है। अमरीका को लगभग 3 लाख टन बासमती चावल का निर्यात होता है। आगामी सीजन में उत्पादन 10 प्रतिशत बढ़ने की संभावना है।

इस तरह बासमती चावल की उपलब्धता में 15-16 लाख टन का इजाफा हो जाएगा जिससे आगामी महीनों में इसकी कीमतों पर दबाव बरकरार रह सकता है।