अप्रैल में घटने के बाद मई में सूरजमुखी तेल का आयात बढ़ने के आसार
28-May-2024 12:03 PM
मुम्बई । एक अग्रणी व्यापारिक फर्म के सीईओ का कहना है अप्रैल में सूरजमुखी तेल का आयात घट गया मगर चालू माह (मई) में इसकी भरपाई हो सकती है।
दरअसल पिछले महीने सूरजमुखी तेल सबसे महंगा खाद्य तेल रहा जिससे इसका आयात प्रभावित हुआ। सीईओ के मुताबिक अप्रैल में देश के अंदर करीब 2.35 लाख टन सूरजमुखी तेल मंगाया गया जबकि मई में इसका आयात बढ़कर 3.50 लाख टन के आसपास पहुंच जाने की संभावना है।
अप्रैल में पाम तेल एवं सोयाबीन तेल का आयात बढ़ा था मगर सूरजमुखी तेल का आयात इसलिए कम हुआ क्योंकि रूस से निर्यात घट गया और भाव भी कुछ ऊंचा रहा था।
उल्लेखनीय है कि दिसम्बर 2023 से मार्च 2024 तक सूरजमुखी तेल सबसे सस्ते दाम पर उपलब्ध था। सीईओ के मुताबिक जिस समय भाव नीचे चल रहा था तब भारतीय आयातकों ने आगामी महीनों के शिपमेंट के लिए जो अनुबंध किया था उसकी खेप अब भारतीय बंदरगाहों पर पहुंच रही है।
सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) के अनुसार मार्च में करीब 4.46 लाख टन सूरजमुखी तेल का आयात हुआ था जो नवम्बर के बाद का सबसे ऊंचा आयात था।
सीईओ के मुताबिक सूरजमुखी तेल का प्रमुख सीजन 15 सितम्बर से 15 मई तक रहता है जबकि 16 मई से 14 सितम्बर तक इसका ऑफ सीजन माना जाता है।
सीसीओ के अनुसार 2022-23 के सम्पूर्ण मार्केटिंग सीजन (नवम्बर-अक्टूबर) के दौरान देश में खाद्य तेलों का सकल आयात तेजी से बढ़कर 165 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया जबकि 2023-24 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में कुछ घटकर 160 लाख टन के करीब रह जाने की संभावना है।
उनका कहना था कि सरकार को खाद्य तेलों में वायदा कारोबार पर लगे प्रतिबंध को हटा लेना चाहिए। इसके अलावा खाद्य तेलों पर आयात शुल्क को भी बढाए जाने की जरूरत है।
