अप्रैल में व्यापार घाटा 28.38 अरब डॉलर पर पहुंचा
18-May-2026 04:39 PM
नई दिल्ली। निर्यात की तुलना में आयात काफी अधिक होने से अप्रैल 2026 में भारत का विदेश व्यापार घाटा बढ़कर 28.38 अरब डॉलर पर पहुंच गया जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ गया। यद्यपि केन्द्र सरकार विदेशों से आयात को नियंत्रित करने का हर संभव प्रयास कर रही है मगर इसमें उसे अपेक्षित सफलता नहीं मिल रही है। पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, सोना-चांदी, खाद्य तेल एवं दलहन आदि के आयात पर सर्वाधिक विदेशी मुद्रा खर्च होती है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार मार्च की तुलना में अप्रैल के दौरान देश से वाणिज्यिक वस्तुओं का निर्यात 38.92 अरब डॉलर से बढ़कर 43.56 अरब डॉलर पर पहुंचा जबकि भारत में इसका आयात 59.59 अरब डॉलर से उछलकर 71.94 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इसका मतलब यह हुआ कि निर्यात के मुकाबले आयात में 28.38 अरब डॉलर का विशाल इजाफा हो गया।
सरकार का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण एक तरफ भारत से वाणिज्यिक वस्तुओं का निर्यात प्रभावित हुआ तो दूसरी ओर तेल-गैस का आयात महंगा हो गया। अब सरकार ने सोना पर आयात शुल्क बढ़ा दिया है और चांदी के आयात पर रोक लगा दी है।
पेट्रोल-डीजल की घरेलू खपत घटाई जा रही है ताकि इसके आयात में कमी आ सके। आम लोगों से खाद्य तेलों का उद्योग भी घटाने की अपील की गई है। इन सब उत्पादों का सार्थक परिणाम आगे दिखाई पड़ सकता है।
