कम आवक एवं कमजोर मांग से चना-तुवर में सीमित उतार-चढ़ाव

18-May-2026 04:12 PM

मुम्बई। निकट भविष्य में चना तथा अरहर (तुवर) के थोक मंडी भाव में सीमित उतार-चढ़ाव आने की संभावना है क्योंकि एक तरफ इसकी आवक की गति धीमी पड़ गई है तो दूसरी ओर इसकी मांग भी कमजोर पड़ गई है। दाल मिलर्स और व्यापारी केवल तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिए थोड़ी-बहुत मात्रा में इसकी खरीद कर रहे हैं। 

एक अग्रणी व्यापारिक संस्था- इंडिया पल्सेस एंड ग्रेन्स एसोसिएशन (आईपीजीए) की साप्ताहिक रिपोर्ट में कहा गया है कि चना और तुवर के साथ-साथ उड़द की कीमतों में भी भारी उतार-चढ़ाव आने की संभावना नहीं है क्योंकि इसकी आवक स्थिर है, मांग सीमित है और विदेशों से इसका आयात भी अपेक्षाकृत कम हो रहा है।

चना की आवक अधिकांश मंडियों में उम्मीद से कम हो रही है और इसकी खपत का पीक सीजन नहीं है। गैस के अभाव की वजह से होटल, रेस्तरां एवं कैटरिंग क्षेत्र में इसकी मांग कमजोर पड़ गई है। बेसन में भी सीजनल मांग कमजोर है। लेकिन चूंकि इसका भाव पहले से ही न्यूनतम समर्थन (एमएसपी) से नीचे चल रहा है इसलिए इसमें और ज्यादा नरमी आना मुश्किल लगता है।

इस बार चना का एमएसपी 5875 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित हुआ है। नीचे दाम पर चना की खरीद में मिलर्स / प्रोसेसर्स एवं व्यापारियों / स्टॉकिस्टों की दिलचस्पी कुछ बढ़ सकती है। चना की सरकारी खरीद भी अभी जारी है। दूसरी ओर इस वर्ष विदेशों से देसी चना एवं पीली मटर का आयात भी कम हो रहा है। इसे चना बाजार में कुछ हद तक स्थिरता का माहौल बरकरार रहने की उम्मीद है।