अर्जेन्टीना में सोयाबीन की फसल को बारिश की सख्त जरूरत

16-Jan-2025 06:05 PM

रोजारियो । लैटिन अमरीकी देश- अर्जेन्टीना में सोयाबीन की बिजाई लगभग समाप्त हो चुकी है और अब फसल प्रगति के विभिन्न चरण से गुजर रही है।

लेकिन कई क्षेत्रों में बारिश का अभाव होने तथा तापमान ऊंचा रहने से फसल को खतरा उत्पन्न हो गया है। सिंचाई सुविधा वाले इलाकों में सोयाबीन फसल की हालत काफी अच्छी बताई जा रही है लेकिन वर्षा पर आश्रित क्षेत्रों में हालत दिनों दिन खराब होती जा रही है।

इसे देखते हुए एक अग्रणी व्यापार विश्लेषक ने अर्जेन्टीना में 2024-25 सीजन के लिए सोयाबीन का उत्पादन अनुमान 10 लाख टन घटाकर अब 520 लाख टन नियत कर दिया है। 

समीक्षकों के मुताबिक कुछ क्षेत्रों में तो सूखे की स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि फसल को विकास की सामान्य गति बरकरार रखने के लिए एक से डेढ़ इंच तक वर्षा की सख्त जरूरत है।

उत्तरी ब्यूनस आयर्स तथा दक्षिणी सांता फे प्रान्त में सूखे का प्रकोप सबसे ज्यादा है। समीक्षकों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में वहां भारी वर्षा नहीं हुई तो उत्पादन  के अनुमान में और भी कटौती हो सकती है। मौसम विभाग की ओर से कोई खास सकारात्मक संकेत नहीं मिल रहा है। 

ब्राजील तथा अमरीका के बाद अर्जेन्टीना दुनिया में सोयाबीन का तीसरा सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश है। भारत में सोयाबीन तेल का सर्वाधिक आयात अर्जेन्टीना से ही होता है।

साल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) के आंकड़ों से पता चलता है कि वर्तमान मार्केटिंग सीजन के शुरूआती दो महीनों में यानी नवम्बर-दिसम्बर 2024 के दौरान भारत में अर्जेन्टीना से लगभग 6.12 लाख टन क्रूड सोया तेल का आयात हुआ जबकि ब्राजील से 82 हजार टन एवं रूस से 81 हजार टन सोयाबीन तेल मंगाया गया।

अर्जेन्टीना में अभी सोया तेल एवं सोयामील का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और भाव प्रतिस्पर्धी स्तर पर बना हुआ है।